‘स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार सबसे जरूरी’
9वें राष्ट्रीय पोषण माह के उपलक्ष्य पर भोरंज में पंचायत जनप्रतिनिधियों को बताया सही पोषण का महत्व
भोरंज 10 सितंबर। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के उपलक्ष्य पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने बीडीओ कार्यालय भोरंज में पोषण जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान भोरंज के बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने क्षेत्र की 6 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को पोषण एवं स्वस्थ जीवन शैली के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि हमारा आहार हमेशा संतुलित एवं पौष्टिक होना चाहिए। तभी हम स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। विशेषकर बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का सही पोषण अत्यंत आवश्यक है। सुनील कुमार ने बताया कि बच्चे के जीवन में गर्भ से लेकर दो वर्ष तक की आयु के लगभग 1000 दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी दौरान उसका सबसे ज्यादा विकास होता है। इस दौरान बच्चे और गर्भवती एवं धात्री महिला के पोषण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके अलावा हमें आम दिनचर्या में भी संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना चाहिए। संतुलित एवं पौष्टिक आहार हमें कई बीमारियों से बचाता है। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को सही पोषण और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरुक करने की अपील भी की। इस अवसर पर सभी ने कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

