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युवाओं को रोजगार के हिसाब से प्रशिक्षण मुहैया करवाना प्राथमिकता – उपायुक्त

शिमला 06 अक्टूबर, 2026

*जिला कौशल समिति की बैठक में पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत प्रशिक्षण लक्ष्यों की समीक्षा*

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय शिमला में जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 के तहत जिला में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों की प्रगति तथा निर्धारित प्रशिक्षण लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम (HPKVN) द्वारा जिला के लिए प्रशिक्षण लक्ष्य की जानकारी प्रस्तुत की गई। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत जिला में कुल 2,670 प्रशिक्षण का टारगेट निर्धारित किया गया है। इनमें 1,080 शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (ST) तथा 1,590 रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (RPL) के प्रशिक्षण शामिल हैं। यह प्रशिक्षण विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किए जाएंगे।
बैठक में 38वीं एग्जीक्यूटिव कमेटी (EC) के तहत 810 अभ्यर्थियों के लिए शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण लक्ष्य पर भी चर्चा की गई। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से पर्यटन एवं आतिथ्य तथा पर्यावरण विज्ञान क्षेत्रों में प्रस्तावित है। पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के अंतर्गत असिस्टेंट राफ्टिंग गाइड, नेचर गाइड तथा गेस्ट सर्विस एग्जीक्यूटिव, जबकि पर्यावरण विज्ञान क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी सुपरवाइजर जैसे जॉब रोल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बैठक में पूर्व की एग्जीक्यूटिव कमेटी बैठकों के तहत निर्धारित लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। 37वीं EC के अंतर्गत हेल्थकेयर क्षेत्र में 270 शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण तथा होम मैनेजमेंट एवं केयरगिवर क्षेत्र में 270 RPL प्रशिक्षण निर्धारित हैं। वहीं 38वीं EC के तहत 810 शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण तथा 1,320 RPL प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रेनर के हिसाब से युवाओं को प्रशिक्षण न दिया जाए, बल्कि युवाओं को जिस कोर्स के बाद रोजगार मिल सके ऐसे प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए। ऐसे प्रशिक्षण के बाद ही युवाओं को प्रदेश में रोजगार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों की उपलब्धता तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के बेहतर प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। जिला प्रशासन द्वारा इन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों एवं संस्थानों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम शिमला डॉ भुवन शर्मा, प्रधानाचार्य आई एच एम कुफरी डॉ मुकुल डिमरी, एलडीएम प्रद्युम्न नेगी, जिला रोजगार अधिकारी प्रवीण नगराईक सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

*आईएचएम कुफरी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण*
बैठक में फैसला लिया गया कि आईएचएम कुफरी में जिला की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को हॉस्पिटैलिटी, कुकिंग प्रेजेंटेशन आदि का परीक्षण दिया जाएगा। इस दिशा में सबसे पहले जिलाधीश कॉम्प्लेक्स की कैंटीन का संचालन कर रहे स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को कुफरी में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। इस बारे में आईएचएम कुफरी को कोर्स का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए गए है।
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Samagra Sikhsha

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