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दाड़लाघाट में कृषक उत्पादक संगठन अमृतधारा की मोबाइल वैन का शुभारम्भ

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुख्य महाप्रबन्धक दिनेश रैना गत दिवस सोलन जिला के दाड़लाघाट में दी अमृततधारा मिल्क प्रोड्यूसर मार्केटिंग  काॅओपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, दाड़लाघाट के रुरल मार्ट आॅन व्हील्स के रूप में स्वीकृत मोबाइल वैन का शुभारम्भ किया।
दिनेश रैना ने इस अवसर पर कहा कि नाबार्ड द्वारा इस वाहन के क्रय के लिए अमृतधारा कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को 50 प्रतिशत की अनुदान सहायता के रूप में 4.77 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। इस वाहन के माध्यम से एफपीओपी के 300 से अधिक सदस्य लाभान्वित होंगे। एफपीओ द्वारा अब तक दूध के संग्रहण एवं विपणन के लिए किराए के वाहन का प्रयोग किया जाता था किन्तु अब अपना वाहन होने से एफपीओ के परिचालन लागत में कमी आएगी व अपने उत्पादों की यह सुगमता से विपणन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि अमृतधारा का गठन वर्ष 2016 में नाबार्ड की कृषक उत्पादक संगठनों को संवर्धित करने की योजना के अंतर्गत अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन, दाड़लाघाट द्वारा किया गया था। यह पूर्णतः महिलाओं का संगठन है जिसे महिलाओं द्वरा स्वयं चलाया जा रहा है। वर्ष 2020-21 के दौरान इसके द्वारा 86 लाख रुपए का कारोबार किया गया था। इसके उत्पादों में दूध एवं दूध से बने उत्पाद हैं तथा अपने सदस्यों को यह पशुचारा व छोटे कृषि उपकरण भी उपलब्ध करवाता है।
उन्होंने अमूल से प्रेरणा लेते हुए एफपीओ को नवाचार करते रहने का सुझाव दिया। उन्होंने एफपीओ की सफलता का मूल कारक उसके द्वारा अपने किसानों को बेहतर मूल्य दिया जाना है। इससे किसान अपने एफपीओ से लगातार जुड़ा रहेगा। उन्होने एफपीओ को वाहन के शुभारम्भ पर बधाई दी तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ठोस व्यापारिक योजना बनाकर चलने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में दूध के उत्पादन की कमी होने के कारण इसकी पूर्ति पड़ोस के राज्यों से की जाती है। एफपीओ के माध्यम से संगठित होकर किसान दूध के साथ साथ अन्य उत्पादों के लिए भी अपना ब्रांड बनाकर स्थानीय बाजार में इनका सफलतापूर्वक विपणन कर सकते हैं। जिससे किसानों की आय बेहतर होगी।
नाबार्ड के उप महाप्रबन्धक डाॅ. बीआर प्रेमी एफपीओ को बधाई देते हुए कहा कि छोटे किसानों की आय उत्सर्जन में डेयरी के एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण है। कुनिहार विकास खण्ड में अन्य एफपीओ द्वारा भी डेयरी के क्षेत्र में अच्छा काम किया जा रहा है।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन व एफपीओ के सदस्यों ने चर्चा के दौरान मुख्य महाप्रबंधक महोदय को भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताया गया जिनमें दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना प्रमुख है।

Samagra Sikhsha

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