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प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु वित्तीय मदद के लिए आवेदन 25 तक

उच्चतर शिक्षा विभाग ने मेधा प्रोत्साहन योजना के तहत मांगे आवेदन
नीट, जेईई, यूपीएससी, बैंकिंग और अन्य परीक्षाओं के लिए मिलेगी वित्तीय मदद

हमीरपुर 10 अप्रैल। उच्चत्तर शिक्षा विभाग ने मेधा प्रोत्साहन योजना के तहत सत्र 2022-23 के लिए वित्तीय मदद हेतु 25 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।
इस योजना के तहत नीट, जेईई, एनडीए, बैंकिंग, एसएससी, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित कोचिंग संस्थान द्वारा उच्चतर शिक्षा विभाग की मेधा प्रोत्साहन योजना की अधिसूचना के मुताबिक सभी मानक पूरे होने चाहिए।
उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक बीडी शर्मा ने बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना का आवेदक विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। इस योजना के अंतर्गत बारहवीं कक्षा स्तर के 350 अभ्यर्थियों तथा स्नातक स्तर के 150 अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर चयनित किया जाएगा।
वर्तमान में बारहवीं कक्षा में पढ़ रहे सामान्य वर्ग श्रेणी के विद्यार्थियों द्वारा ग्यारहवीं कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हो। अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आईआरडीपी और बीपीएल श्रेणी के विद्यार्थियों द्वारा ग्यारहवीं कक्षा में कम से कम 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों। बारहवीं कक्षा पास कर चुके विद्यार्थियों के मामले में विभिन्न वर्गों के आवेदकों के लिए बारहवीं कक्षा में अंकों की प्रतिशतता भी यही रखी गई है। जबकि, स्नातक स्तर में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अंकों की प्रतिशतता 50 तथा आरक्षित वर्गों के लिए 45 प्रतिशत रहेगी। उपनिदेशक ने बताया कि अभ्यर्थी के परिवार की कुल आय 2.50 लाख प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना में चयनित विद्यार्थी को संबंधित कोचिंग संस्थान में सभी कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य रखा गया है।
इस योजना में चयनित विद्यार्थी को जीवनकाल में अधिकतम एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मेधावी छात्र द्वारा जिस भी कोचिंग संस्थान में प्रवेश लेना हो, उस संस्थान में आवश्यक संख्या में योग्य शिक्षक होने चाहिए। उस संस्थान में कक्षाओं के संचालन हेतु आधारभूत संरचनानुसार, पुस्तकालय व उपकरण आदि का समावेश होना आवश्यक है। संस्थानों को संबंधित कोचिंग कार्यक्रम में न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। यदि किसी संस्थान की सफलता की दर काफी अधिक हो तो उस संस्थान को तीन साल से कम समय के लिए काम करने पर भी पात्र माना जा सकता है।
इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु 10$2 तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक के पास डाक या ईमेल के माध्यम से तथा स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त या संयुक्त निदेशक (कालेज) शिक्षा निदेशालय के पास डाक या ईमेल के माध्यम से 25 अप्रैल तक जमा करवा सकते हैं।
योजना से संबंधित पूर्ण जानकारी शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट एजूकेशन डॉट एचपी डॉट जीओवी डॉट इन पर उपलब्ध है।

Samagra Sikhsha

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