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हिमाचल में कठिन से कठिन जगहों पर भी पहुंच रही सड़कें

धार्मिक-प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की रोड़ कनेक्टिविटी पर बल
मंडी जिले में ग्रामीण रोड़ कनेक्टिविटी के लिए 205 करोड़ से 10118 संपर्क मार्गों का निर्माण

मंडी, 25 जून। हिमाचल के पहाड़ों में ऐसे अनेकों स्थल हैं जो धार्मिक आस्था के केंद्र होने के साथ साथ प्राकृतिक खूबसूरती के चलते पर्यटन की भी अनमोल धरोहर हैं। विशेषकर गर्मी के मौसम में तो तपते मैदानी इलाकों के लोगों के लिए यह स्थल धरती पर स्वर्ग के समान हैं। हिमाचल की जय राम सरकार ऐसे सभी महत्वपूर्ण स्थलों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि धर्म और प्रकृति से जुड़ाव रखने वाला हर व्यक्ति इन स्थलों की यात्रा के अपने सपने को पूरा कर सके।
इसी श्रृंखला में मंडी जिले में बड़ादेव बाबा कमरुनाग स्थल, माता शिकारी देवी मंदिर और पराशर झील समेत अनेक धार्मिक और मनभावन स्थलों को सड़कों की सुविधा से जोड़ा गया है। कठिन से कठिन जगहों पर भी सड़क पहुंचाई जा रही है, ताकि पैदल ट्रैक और रास्तों की दुर्गमता यात्रा में बाधक न रहे। खासकर बुर्जुगों और बच्चों को इससे बड़ी सहूलियत हुई है। महत्वपूर्ण स्थलों को इस प्रकार सड़कों से जोड़ा जा रहा है जिससे लोगों को सुविधा भी रहे पर वहां का पवित्र वातावरण भंग न हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोड़ कनेक्टिविटी के लिए मनरेगा में बहुत काम किया जा रहा है। जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण मंडी के उपनिदेशक नवीन शर्मा बताते हैं कि मंडी जिले में बीते साढ़े 4 साल में गांवों में 10 हजार 118 संपर्क मार्गों के निर्माण पर 205 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में गांवों में सड़कों के निर्माण और विस्तार को गति दी गई है।
पूरी हुई श्रद्धालुओं की मन की मुराद
रोहांडा धार पर स्थित मंडी जनपद के बड़ादेव कमरुनाग के मंदिर में अभी तक केवल पैदल चल कर ही पहुंचना संभव था। इस यात्रा की दुर्गमता के कारण कई श्रद्धालुओं के लिए बड़ादेव के दर पर पहुंचकर माथा टेकना बस एक सपना ही था। लेकिन अब मनरेगा में शाला से इस मंदिर के लिए 16 किलोमीटर लंबी सड़क बनने से हजारों-लाखों श्रद्धालुओं की मन की मुराद पूरी हुई है। 2.88 करोड़ रुपये से बनाई इस सड़क का नाम आध्यात्मिक मार्ग रखा गया है। इस मार्ग को मनरेगा में 7 किलोमीटर तक पक्का भी किया चुका है, शेष का काम जारी है। इसके अलावा जाच्छ से जहल और चैलचौक से मंडोगलू से होकर भी कमरुनाग जी के लिए संपर्क सड़कें निकाली गई हैं।
वहीं, पराशर के लिए नियमित सड़क के सुधारीकरण के अलावा एक अन्य मार्ग पनारसा-बांधी सड़क का काम जोरों पर चल रहा है।  शिकारी माता मंदिर के लिए जंजैहली सड़क के सुधार के अलावा करसोग से शंकर देहरा और देवीदड़ की ओर से संपर्क सड़कें बनाई गई हैं।
‘सड़क न पहुंचती तो हम भी न पहुंच पाते’
महाराष्ट्र के मुंबई से परिवार सहित बाबा कमरुनाग मंदिर पहुंचे पर्यटक प्रशांत प्रभाकर पाटिल हिमाचल सरकार का आभार जताते हुए कहते हैं कि सड़क यहां न पहुंचती तो हम भी नहीं पहुंच पाते और यहां के इस यादगार अनुभव से अनभिज्ञ रहते। हिमाचल सरकार ऐसी शानदार जगहों को सड़कों से जोड़ कर बहुत अच्छा काम कर रही है, इससे कितने ही लोगों को देवी देवताओं का आशीर्वाद मिल रहा है।
वहीं कमरुनाग पधारे नौणी त्रिफालघाट की मंजु देवी, बिलासपुर के घुमारवीं के करतार, राम कृष्ण और जीवा सिंह ने एक स्वर में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को धन्यवाद कहा। उनका कहना था कि बच्चों और वृद्धजनों का पैदल चल कर यहां पहुंचना बड़ा कठिन था। सड़क बनने से सबके लिए सहूलियत हो गई है।
वहीं, कमरुनाग में दुकानें सजाए लोग भी सड़क निर्माण से खासे खुश हैं। उनका कहना है कि सामान को पहले खच्चरों पर ढोना पड़ता था, अब इसमें बड़ी मदद हो गई है।
क्या कहते हैं उपायुक्त
उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री  जय राम ठाकुर के निर्देशानुसार मंडी जिले में धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर रोड़ कनेक्टिविटी तय बनाने पर फोकस किया गया है। लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखने के साथ ही इन जगहों के विकास के लिए काम किया जा रहा है।

Samagra Sikhsha

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