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वरिष्ठता के फेर में फंसी पीसीसीएफ हॉफ की नियुक्ति

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हिमाचल प्रदेश की निवर्तमान पीसीसीएफ हॉफ डॉ. सविता के सेवानिवृत्त होने के बाद से सरकार नए पीसीसीएफ हॉफ के पद पर फैसला नहीं ले सकी है। डॉ. सविता के बाद कैडर में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे 1986 बैच के विनोद कुमार तिवारी वरिष्ठतम अधिकारी हैं। उनके बाद 1987 बैच के एसडी शर्मा और 1988 बैच के समीर रस्तोगी भी केंद्र से हिमाचल आने में रुचि नहीं दिखा रहे। तिवारी ने हिमाचल न आने और प्रोफार्मा प्रमोशन देने के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

लेकिन अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे एआरएम रेड्डी हिमाचल लौट रहे हैं। ऐसे में अब प्रदेश में मौजूद अधिकारियों में 1988 बैच के रेड्डी वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर हो जाएंगे। हालांकि, इन्हीं के बैच के राजीव कुमार व अजय श्रीवास्तव का नाम भी इस पद के लिए चर्चा में है। हाल ही में 1989 बैच के डॉ. पवनेश कुमार को इकलौता प्रमोशन देकर पीसीसीएफ बनाए जाने के बाद उनका नाम भी दावेदारों की सूची में शामिल हो गया है।

सामान्य तौर पर वरिष्ठता के हिसाब से ही पीसीसीएफ हॉफ नियुक्त किए जाते रहे हैं। ऐसे में रेड्डी की दावेदारी मजबूत मानी जा सकती है। लेकिन पिछली सरकार ने एसएस नेगी को वरिष्ठता दरकिनार कर वन विभाग के मुखिया के पद पर बैठाकर नई परिपाटी शुरू कर दी थी। जयराम सरकार में वरिष्ठता सूची के अनुसार ही अब तक प्रदेश में मुख्य सचिव से लेकर डीजीपी तक लगाए गए हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि अक्तूबर में ही रिटायर हो रहे रेड्डी को सरकार हॉफ के पद पर बैठाकर ससम्मान रिटायर करती है या फिर उनकी जगह किसी अन्य को पीसीसीएफ हॉफ बनाती है।

Samagra Sikhsha

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