पंचायतें लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला, विकास में निभाएं सक्रिय भूमिका – जतिन लाल
नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए क्षमता निर्माण एवं बुनियादी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
विकास खंड अंब की 19 पंचायतों के 143 प्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण
ऊना, 8 सितंबर. ऊना जिले में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था, विकास योजनाओं और कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी देने के उद्देश्य से क्षमता निर्माण एवं बुनियादी प्रशिक्षण कार्यशाला के पहले चरण की शुरुआत हुई। मंगलवार को जिला परिषद हॉल ऊना में आयोजित कार्यशाला में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना इशांत जसवाल भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कार्यशाला में विकास खंड अंब की 19 ग्राम पंचायतों के 143 नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 19 प्रधान, 19 उपप्रधान तथा 105 वार्ड सदस्य शामिल रहे। बता दें, जिले के सभी विकास खंडों की ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा।
पांच वर्ष की कार्ययोजना बनाकर विकास को दें गति – उपायुक्त
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला हैं और ग्रामीण विकास के साथ-साथ देश एवं प्रदेश के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए स्पष्ट विकास कार्ययोजना तैयार करें तथा प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, स्थानीय स्तर पर राजस्व उत्पन्न करने की संभावनाओं की पहचान कर उन्हें विकसित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि पंचायतें आर्थिक रूप से सशक्त बनें और विकास कार्यों को गति मिल सके।
ग्राम सभाओं में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि ग्राम सभाएं पंचायती राज व्यवस्था का महत्वपूर्ण मंच हैं। इसलिए ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक पंचायतवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से पंचायत की युवा पीढ़ी को ग्राम सभाओं एवं विकास प्रक्रिया से जोड़ने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों, ऊर्जा और विजन को पंचायत विकास की दिशा से जोड़ा जाए, ताकि गांवों के विकास के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार की जा सकें।
उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रदेश सरकार तथा केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
जतिन लाल ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से कार्यशाला का पूरा लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज व्यवस्था, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायतों के सतत विकास से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान कर सकें।
विकास कार्यों के लिए समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करें – एडीसी
अतिरिक्त उपायुक्त ऊना इशांत जसवाल ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि अपने कार्यकाल के दौरान छोटे-बड़े विकास कार्यों के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करें। प्रत्येक कार्य की प्राथमिकता तय करते हुए उसे निर्धारित अवधि में पूरा करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने पंचायतों को उपलब्ध करवाए जाने वाले अनुदान एवं सरकारी धनराशि का नियमों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप सदुपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज विभाग द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों को पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से अमलीजामा पहनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को कार्यों के क्रियान्वयन से संबंधित किसी प्रकार की समस्या या मार्गदर्शन की आवश्यकता हो तो वे जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
2030 तक आत्मनिर्भर और सशक्त गांव बनाने का लक्ष्य
जिला पंचायत अधिकारी ऊना श्रवण कुमार ने बताया कि पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंचायतों के सतत विकास एवं स्थानीयकरण के लिए नौ प्रमुख लक्ष्यों को निर्धारित किया गया है। इनका उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश के गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध, स्वस्थ और सशक्त बनाना है।
इन लक्ष्यों में गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका वाला गांव, स्वस्थ गांव, बाल हितैषी गांव, जल पर्याप्त गांव, स्वच्छ एवं हरित गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव, सुशासन वाला गांव तथा महिला हितैषी गांव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी आवश्यक है। पंचायत स्तर पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा प्रदान कर सकता है।
सितंबर 2026 से जनवरी 2027 तक बैचवार आयोजित होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम
जिला पंचायत अधिकारी ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा ऊना जिला की सभी ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सितंबर 2026 से जनवरी 2027 तक बैचवार प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण जिला परिषद हॉल ऊना में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिभागी के लिए आधार कार्ड तथा आधार से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा।

