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घरेलू हिंसा जैसे अभिशाप को समाप्त करने के लिए पारिवारिक मूल्यों में विश्वास आवश्यक-डाॅ. डेजी ठाकुर

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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर ने कहा कि घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए परिवारों के मध्य अधिक सांमजस्य तथा पारिवारिक मूल्यों में विश्वास आवश्यक है।

डाॅ. डेजी ठाकुर आज यहां घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 के अन्तर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला को सम्बोधित कर रही थी।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों एवं संरक्षण अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से किया गया।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 महिलाओं को हर प्रकार के उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं अपने विरूद्ध हो रहे अत्याचार के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करवाती हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा के अधिकतर मामले आपसी बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास तथा पुलिस विभाग को अधिक समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए ताकि घरेलू हिंसा के मामलों की जानकारी प्राप्त कर इन्हें शीघ्र निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

डाॅ. डेजी ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 के संकट के समय में प्रदेश में घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य महिला आयोग द्वारा इस समस्या के निराकरण के लिए व्हाट्सऐप नम्बर 94598-86600 भी जारी किया गया है। इसके माध्यम से महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। उन्होंने कहा कि इस नम्बर के माध्यम से आयोग घरेलू हिंसा की विभिन्न शिकायतों की जानकारी प्राप्त कर इन्हें सुलझाने में सफल रहा है।

उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी संरक्षण अधिकारियों एवं अन्य का आह्वान किया कि घरेलू हिंसा की शिकायतों का त्वरित संज्ञान लें और आवश्यकता पड़ने पर मामले की जानकारी उचित स्तर तक प्रेषित करें ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिलने में विलम्ब न हो।

डाॅ. डेजी ठाकुर ने कहा कि घरेलू हिंसा के अभिशाप से निपटने के लिए प्रदेश में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आरम्भ सोलन से किया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर विधि अधिकारी अनुज वर्मा, अधिवक्ता विपिन पंडित, अभिषेक ठाकुर ने घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उप पुलिस अधीक्षक योगेश दत्त जोशी, सभी विकास खण्डों के समेकित बाल परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक, वन स्टाॅप सेंटर तथा महिला शक्ति केन्द्र के सदस्य उपस्थित थे।

Samagra Sikhsha

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