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प्राकृतिक खेती और क्लस्टर आधारित कृषि विकास कार्यक्रम पर चर्चा

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हिमाचल प्रदेश में क्लस्टर आधारित कृषि विकास कार्यक्रम और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने को लेकर वीरवार को राज्य सचिवालय में कृषि सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान कृषि सचिव ने कृषि अधिकारियों के साथ बजट में क्लस्टर आधारित कृषि विकास कार्यक्रम को लेकर की गई घोषणा के तहत किए जाने वाले कार्याें के बारे में विस्तार से चर्चा की।

इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में चल रहे प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत जुड़े किसानों के क्षमता विकास और उनके प्रमाणीकरण करने के काम में तेजी लाने को लेकर निर्देश दिए। इस मौके पर प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक नरेश ठाकुर ने प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं, जिनमें से 51 हजार किसानों के प्रमाणीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती किसान इसका दायरा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बाह्य एजेंसी की ओर से किए गए सर्वे में पता चला है कि हिमाचल प्रदेश के किसान बिना विभाग के प्रशिक्षण के प्राकृतिक ख्ेाती कर रहे किसानों से इस पद्धति को सीखकर अपना रहे हैं। जिससे इस खेती विधि की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बैठक के दौरान कृषि निदेशक डॉ राजेश कौशिक, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ रघबीर सिंह, संयुक्त निदेशक प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना डॉ रविंद्र सिंह जसरोटिया और सभी जिलों के उप कृषि निदेशक व जिला परियोजना निदेशक आतमा मौजूद रहे।

Samagra Sikhsha

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