Himachal Tonite

Go Beyond News

प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना बदल रही किसान की तकदीर – राजिन्द्र गर्ग

1 min read

बिलासपुर, अक्तूबर – परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत किसान जैविक प्रशिक्षण एवं मेला और अमृत महोत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आज विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं की पंचायत डंगार में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता ममाले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना 2022 तक किसानों की आय को दौगुना करना है।

उन्होंने कहा कि इस सपने को पूरा करने के लिए प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना प्रदेश सरकार द्वारा 2018 से शुरू की गई है जिसमें पहले ही बजट में किसानों के विकास और उत्थान के साथ उनकी आर्थिकी मजबूत करने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के माध्यम से फसल और सब्जियों को रसायन मुक्त करने के लिए कृत संकल्प है और किसानों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष भी इस योजना के तहत 24 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने किसानों से आहवान किया कि अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए प्राकृतिक खेती को वैज्ञानिक ढंग से अपनाए। इसके लिए युवाओं को भी प्रेरित करते हुए प्राकृतिक खेती से जोड़ने का प्रयास करें ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी अधिक से अधिक लाभ उठाए। इसमें फसल बीजने से पहले और फसल काटने के बाद तक की बीमा सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि किसानों को किसान सम्मान निधि के माध्यम से एक साल में 6 हजार रुपये की राशि किश्तों में प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत सोलर फैसिंग आदि के लिए 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसी योजना के तहत किसानों को सामुहिक तौर पर सोलर फैसिंग लगाने के लिए 85 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। कृषि उत्पादन व संरक्षण योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा पर 80 प्रतिशत तथा इसके अतिरिक्त कृषि उपकरणों पर 50 प्रतिशत, ट्रैक्टर खरदने के लिए 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी और मुख्यमंत्री कृषि कोष योजना के तहत किसानों के सशक्तिकरण के लिए 6 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश में 1 लाख 50 हजार से ज्यादा किसान तथा बिलासपुर में 7 हजार से ज्यादा किसान प्राकृतिक खेती से जुडे है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य से धान की फसल को सीधे किसानों से खरीदा जा रहा है और अगले वर्ष तक मक्की की फसल को भी खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को देसी गाय खरदने के लिए 25 हजार रुपये का अनुदान और पशुशाला में फर्श पक्का करने के लिए 8 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

इस मौके पर उन्होंने किसानों और बागवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि एचपी शिवा परियोजना के तहत मौसमी, लीची, अनार और अमरूद के पौधों का रोपण किया जाएगा ताकि किसानों को आधुनिक बागवानी के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

इस दौरान उप निदेशक कृषि प्राची और उप परियोजना निदेशक आत्मा देश राज शर्मा ने भी कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजना की जानकारी देते हुए किसानों को जागरूक किया। विभाग द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां भी चलाई जा रही है।

इस अवसर पर किसानों को सब्जियों के बीजों का वितरण किया गया तथा मंत्री ने लोगों की समस्याएं भी सुनी।

इस कार्यक्रम में लगभग 400 किसानों ने भाग लिया।

Samagra Sikhsha

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *