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आधुनिक धार्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा माता श्री चिन्तपूर्णी मंदिर – मुकेश अग्निहोत्री

उपमुख्यमंत्री ने हरोली विस क्षेत्र में किया 51 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण
ऊना, 20 जुलाई – माता श्री छिन्मस्तिका धाम चिंतपूर्णी मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत आधुनिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा तथा मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस कड़ी में सबसे पहले माता श्री चिंतपूर्णी का एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए रोपवे तथा एस्कालेटर बनाने के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांव बीटन स्थित छोटी कुटिया में 15 लाख, गांव हीरा नगर में 15 लाख रुपए व ग्राम पंचायत गोंदपुर जयचंद के गांव बैहली में 21 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवनों के लोकार्पण के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि देव भूमि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत का प्रमुख पर्यटन राज्य है जहां पर देश-विदेश के पर्यटक सैर सपाटे के अलावा यहां के देवी देवताओं के प्रसिद्ध मंदिरों के प्रति आस्था के कारण खींचे चले आते हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार कृत संकल्प है तथा इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीटन-सिंगां में 15 ट्यूबवेलों का निर्माण किया जा रहा है जिससे निकट भविष्य में इस क्षेत्र में पानी की कमी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र के अमराली में 25 लाख लीटर क्षमता का एक ओवरहेड जल भंडारण टैंक बनाया जा रहा है, क्षमता के अनुसार यह हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जल भंडारण टैंक होगा जिसके बनने के उपरांत पेय जलापूर्ति योजना बाधित होने के 1 सप्ताह बाद तक भी क्षेत्रवासियों को जलापूर्ति उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को और सुदृढ़ करने के लिए 70 करोड़ रूपये की लागत से बीत सिंचाई योजना का निर्माण किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में सभी किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि हरोली विस क्षेत्र में 35 पानी के टैंकों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा विधायक प्राथमिकता के तहत 12 करोड़ रूपये की लागत से 12 टयूबवैलों का निर्माण किया जा रहा है। हरोली विस क्षेत्र में वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 11 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में हरोली विस क्षेत्र देश व प्रदेश में जल उपलब्धता के मामले में पहला आत्मनिर्भर क्षेत्र होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विपरीत परिस्थितयों के बावजूद प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए प्रयासरत है तथा सरकार द्वारा जनता को दी गई दस गारंटियां प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से पूर्ण की जा रही है। उन्होंने कहा कि हरोली विस क्षेत्र निर्णायक विकास की ओर अग्रसर है तथा इस क्षेत्र में सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य के अलावा बडे़ स्तर की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेशभर में हुई मूसलाधार बारिश के कारण उत्पन्न आपदा से हिमाचल प्रदेश की अनेक पेयजल तथा सिंचाई योजनाओं को भारी क्षति हुई है तथा जल शक्ति विभाग में ही करीब 1,500 करोड़ का नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर दिन-रात कार्य करते हुए प्रदेशवासियों के लिए रिकॉर्ड अवधि में जलापूर्ति बहाल की है जिसके लिए जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बीटन में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की।

Samagra Sikhsha

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