हिमाचलप्रदेश किसान कांग्रेस को राज्यपाल से अभी तक नहीं मिला समय
हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंदर सिंह ने आज 1 प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान पिछले दिनों शिमला में बादल फटने पेड़ गिरने और ज़मीन धँसने से जिन लोगों को जान माल का नुक़सान हुआ उनके प्रति हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। इस दौरान समरहिल फागली और लालपनी कृष्णा नगर मैं जहाँ पर भी ये आपदा आयी वहाँ हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी के नेतृत्व में धरातल पर कार्य करती हुई दिखी इसके लिए हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करती है और शहरी विधायक हरीश जनाब था जी महापौर सुरेन्द्र चौहान जी और जितने भी पार्षद है उन सभी का धन्यवाद करती है जो इस त्राशदी के समय में धरातल पर जाके उन लोगों की मदद करने के लिए आगे आए जो इस आपदा का शिकार हुए हैं। इस प्रकार की आपदा प्रदेश के लोगों ने आज तक कभी नहीं देखी न ही कभी सुनी। इस आपदा में आंकलन लगभग 10, हज़ार करोड़ रुपये के नुक़सान का है और साथ ही 300 ज़्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा है।किसानों के लिए ये आपदा से दोनों तरफ़ से मुसीबत लेकर के आयी है एक तो उनकी इस साल फ़सल पहले ही अच्छी नहीं थी इस आपदा के कारण अब उनकी ज़मीन भी कहीं बादल फटने से कहीं ज़मीन धँसने से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। इसी संदर्भ में हिमाचलप्रदेश किसान कांग्रेस ने राज्यपाल को एक ज्ञापन देने के लिए कई बार राजभवन में जा करके उनसे समय लेने की कोशिश की। परंतु हिमाचलप्रदेश किसान कांग्रेस को राज्यपाल से अभी तक समय नहीं मिला। 17 जुलाई को पहली बार राज्यपाल से समय लेने के लिए पत्र लिखा गया था और 8 अगस्त को हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की पूरी कार्यकारिणी राजभवन गई और एक और पत्र लिखा जिसमें राज्यपाल जी से समय देने के लिए माँग की गई परंतु राज्यपाल जिसे समय नहीं मिला। जो पत्र हिमाचलप्रदेश किसान कांग्रेस राज्यपाल जी के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को भेजना चाह रही है उस पत्र मैं हिमाचल प्रदेश के किसानों की के सी सी में ऋण माफ़ी की बात लिखी गई है। प्रधानमंत्री जी से ये उम्मीद। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस कहती है कि जब मध्य प्रदेश के किसानों की समस्याओं का संज्ञान लिया गया उसी प्रकार हिमाचल प्रदेश के किसानों को KCC के प्याज़ से इस बार मुक्त करेंगे।हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस इस पत्र को प्रधानमंत्री जी को भेज रही है। यदि हिमाचल प्रदेश के किसानों का KCC का ऋण माफ़ नहीं किया जाता तो आने वाले समय में महात्मा गांधी के रास्ते पर चलते हुए किसान कांग्रेस सत्याग्रह के रास्ते पर चलेगी।
हम केंद्र सरकार से यह आग्रह करते हैं कि इस प्रकृति के समय में हिमाचल प्रदेश को आपदा प्रभावित राज्य घोषित किया जाए। हिमाचलप्रदेश को इस समय एक स्पेशल पैकेज की ज़रूरत है जिसे केंद्र सरकार को जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश को देना चाहिए।हम केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने जो राशि हिमाचलप्रदेश को 180 करोड़ की दी जानी थी उसे जल्दी दिया है। आम आदमी मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य को साढ़े दस रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये किया साथ ही साथ श्री विक्रमादित्य ज़ी का जिन्होंने धरातल पर जाकर के युद्ध स्तर पर उन सड़कों को खुलवाने का कार्य किया जो इस आपदा के समय में बंद पड़ी थी। इससे ये हुआ कि लोग अपनी फ़सल मंडियों तक पहुँचा पाए और किसान अपने माल का दाम भी ले पाए। माननीय मुख्यमंत्री जी ने सभी उन क्षेत्रों का दौरा किया जो कि यह इस आपदा के समय में प्रभावित थे और प्रदेश की कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती प्रतिभा सिंह जी को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का स्थाई सदस्य नियुक्त किए जाने पर उनको शुभकामनाएं देते हैं ।हिमाचलप्रदेश सरकार में 200-300 करोड़ अभी तक पहले ही उन इलाकों में ख़र्च कर दिए हैं जहाँ पर भारी नुक़सान हुआ है।हम हिमाचलप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री ज़ी का इस आपदा के समय में लोगों को तत्काल मदद देने पर धन्यवाद करते हैं। इंदौरा फ़तेहपुर और निचले क्षेत्रों में जहाँ पे पानी भर गया है वहाँ से लगभग 739 लोगों को एयरलिफ़्ट करके निकाले जाने जाने पर भी हम सरकार का धन्यवाद करते हैं वहाँ के किसानों के लिए बागवानों के लिए मुख्यमंत्री जी आने वाले समय में रियायत देंगे ऐसा हम उम्मीद करते हैं कि शिमला ग्रामीण के शहीद हवलदार श्री विजय कुमार शर्माजी जो लद्दाख में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में शहीद हुए उन्हें हम प्रदेश किसान कांग्रेस की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं हमारी ब्लॉक किसान कांग्रेस के अध्यक्ष केपटन श्री कुदन कश्यप जी उनके घर जाकर संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। प्रदेश किसान कांग्रेस ये मानती है कि इसमें विपती के समय में किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए और जो भी यथा संभव मदद उन परिवारों तक पहुँचनी चाहिए इनमें जानमाल की क्षति हुई है उसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए
धन्यवाद

