विश्वविद्यालय को खोलने व छात्रों को वैक्सिनेंशन की व्यव्स्था तथा अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन
आज 29/06/2021 को एस0 एस 0आई विश्वविद्यालय इकाई द्वारा पिंक पेटल पर धरना प्रदर्शन किया गया जैसा कि हम सब जानते हैं पिछले 15 महीनों से हमारा देश व प्रदेश कोविड_ 19 महामारी से जूझ रहा है यदि हम विश्वविद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थानों की बात करें तो वह भी लंबे समय से माहामारी के चलते बंद रखे गए हैं इसके चलते छात्र समुदाय को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा । जहां एक ओर छात्र इन समस्याओं से जूझ रहा था वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन केवल मात्र मुख दर्शक बनकर खड़ा रहा। एस एफ आई यह मांग करती है कि विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द आम छात्रों के लिए खोला जाए।प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय को न खोलने के पीछे की मंशा साफ जाहिर है लम्बे समय से विश्वविद्यालय में प्रोफेसर्स की भर्ती प्रक्रिया जारी है अतः प्रशासन कहीं न कहीं यह जानता है यदि विश्वविद्यालय को आम छात्रों के लिए खोला गया तो प्रशासन द्वारा की जा रही अवैध भर्तियों का छात्रों को पता चलेगा और छात्र सवाल करेगा इसीलिए प्रशासन विश्वविद्यालय को खोलने से पीछे हट रहा है । इकाई सचिव रॉकी ने बताया पिछले लंबे समय से विश्वविद्यालय लाइब्रेरी को भी बंद रखा गया है जिसके चलते छात्रों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ा है जैसा कि हम जानते हैं आने वाला समय परीक्षाओं का समय है यदि लाइब्रेरी को शीघ्र नहीं खोला गया तो आम छात्र की समस्याएं अधिक बढ़ जाएंगी। एस0एफ0आई यह मांग करती है की लाइब्रेरी को उचित व्यवस्था के साथ शीघ्र अति शीघ्र खोला जाए और इसके साथ ही जब छात्र विश्वविद्यालय की ओर रुख करेगा तो जाहिर सी बात है उसे रहने की समस्या का भी सामना करना पड़ेगा अतः एस0एफ0आई यह मांग करती है की हॉस्टलों को भी शीघ्र अति शीघ्र आम छात्रों के लिए खोला जाए इसके अलावा इकाई सचिव रॉकी ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले वर्ष मार्च में गैर शिक्षक तथा पंचायत सहायक के रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए लेकिन आज 1 वर्ष बाद भी प्रशासन द्वारा यह परीक्षाएं नहीं करवाई गई जिससे सीधे तौर पर प्रशासन की नाकामी जाहिर होती है एस0एफ0आई यह मांग करती है कि जल्द से जल्द इन परीक्षाओं को करवाया जाए। इकाई सचिव साथी रॉकी द्वारा प्रशासन ने यह भी बताया की प्रशासन को 3rd Wave के लिए अभी से तैयार रहने की जरूरत है और छात्रों की शिक्षा बाधित न हों उसके लिए ने आयाम तैयार करने की आवश्कता हैं । इकाई अध्यक्ष विवेक राज ने बताया कि जहां पिछले डेढ़ साल से हमारा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी और समाज का एक तबका पितृसत्तात्मक सोच के चलते घरेलू हिंसा का शिकार होता आ रहा है यदि आंकड़ों की बात करें इस लोक डाउन के समय में भारत में घरेलू हिंसा के मामलों में 30% की वृद्धि हुई है जिसका जीता जागता उदाहरण हम कांगड़ा में देख सकते हैं जहां पर बी0जे0पी के स्थानीय विधायक विशाल नहरिया के द्वारा अपनी पत्नी जो कि एक प्रशासनिक अधिकारी हैं को घरेलू हिंसा का शिकार बनाया गया है समाज में घटित हो रही इस प्रकार की घरेलू हिंसा की घटनाओं को देखते हुए हम कह सकते हैं कि आज भी हमारा समाज उसी रूढ़िवादी तथा मनुवादी सोच में जकड़ा हुआ है एस0एफ0आई इस प्रकार की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय में चल रही सभी प्रकार की समस्याओं पर शीघ्र कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो एस0एफ0आई समस्त छात्र समुदाय को लामबंद करते प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा

