प्रथमदृष्टि में किसी तरह की कोताही नहीं मिली -डॉक्टर जनक राज
1 min readशिमला, मई 18 – आज शिमला में एक मृतक की बेटी (मोना) द्वारा आईजीएमसी पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए गए। मोना का कहना है कि उसके पिता की मृत्यु आईजीएमसी के स्टाफ द्वारा की गई लापरवाही के कारण हुई है।
वहीं दूसरी ओर आईजीएमसी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर जनक राज का कहना है कि “मामला ध्यान में आने पर हमने विभाग से पता किया इनके मरीज़ को पहली बार डायऐलिसस के लिए जब लाया गया उस दिन गम्भीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत डायऐलिसस करवाया काग़ज़ी कार्यवाही भी बाद में की गयी ।
डॉक्टर की सलाह के विरुद्ध यह अपने मरीज़ को घर ले गये और तीन दिन बाद जब मरीज़ को गंभीर होने पर दोबारा लेकर जब आए उस वक्त डायऐलिसस की सभी मशीनों पर मरीज़ थे । बाद में इनका डायऐलिसस हुआ।
प्रथमदृष्टि में हमें किसी तरह की कोताही नहीं मिली है। ऐसी बातों से डॉक्टर और स्टाफ़ हतोउत्साहित होतें हैं। इनके आरोपों पर हम जाँच करेंगे।”

