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सरकाघाट में 35 करोड़ से स्थापित हो रही प्री कोचिंग सैनिक अकादमी-महेंद्र सिंह ठाकुर

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धर्मपुर विस क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जन समस्याएं सुनते वक्त बोले जलशक्ति मंत्री

संधोल (मंडी), 05 फरवरी-जलशक्ति, बागवानी, राजस्व एवं सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकाघाट के वरच्छवाड़ में लगभग 35 करोड़ रूपये की राशि व्यय कर प्री कोचिंग सैनिक अकादमी स्थापित की जा रही है। इस अकादमी के क्रियान्वित हो जाने से हिमाचल प्रदेश के ऐसे बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलेगा जो सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं। उन्होने कहा कि अब सेना में जवान से लेकर ऑफिसर स्तर की सेवाओं में भर्ती होने के लिये इस प्री कोचिंग सैनिक अकादमी के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण की सुविधा सुनिश्चित होगी। महेंद्र सिंह ठाकुर आज धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोठुवां, नेरी, सोहर, ध्लारा, संधोल पंचायतों के अंतर्गत गांव कंद्रोह, बांह, चतरोन, मसोत, नेरी, भालू, भलूई, बजीर चौक, संधोल तथा टकरेहड़ में जन समस्याएं सुनने के अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित कर रहे थे। इस बीच उन्होने लोगों की जन शिकायतें सुनीं तथा अधिक्तर का मौके पर ही निपटारा कर दिया।
उन्होने कहा कि वर्तमान जय राम ठाकुर सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में कोविड 19 संक्रमण के कठिन समय के बावजूद हिमाचल प्रदेश में विकास के नये आयाम स्थापित किये हैं। उन्होने कहा कि क्षेत्रवाद, जातिवाद व धर्म वाद से ऊपर उठकर प्रदेश का एक समान विकास सुनिश्चित किया है। साथ ही कहा कि कोरोना संकट के बीच भी मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में विकास की गति को थमने नहीं दिया है। उन्होने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के प्रत्येक घर को नल व नल में शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की है।
1688 करोड़ रूपये के शिवा प्रोजैक्ट के माध्यम से प्रदेश को फल राज्य बनाने के हो रहे प्रयास
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को एक फल राज्य के तौर आगे ले जाने के लिये प्रदेश के निचले व मध्यम क्षेत्रों के सात जिलों के लिये 1688 करोड़ रूपये के एचपी शिवा प्रोजैक्ट की शुरुआत की है। इसके माध्यम से जहां किसानों व बागवानों को उच्च गुणवत्ता युक्त अमरूद, संतरा, लीची व अनार के पौधे मुहैया करवाये जा रहे हैं तो वहीं सिंचाई सुविधा के साथ-साथ, जमीन की सोलरयुक्त बाड़बंदी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होने कहा कि एक बीघा जमीन से अमरूद की खेती से औसतन सवा तीन लाख रूपये की सालाना आमदन अर्जित की जा सकती है। उन्होने इस प्रोजेक्ट के साथ ज्यादा से ज्यादा किसानों विशेषकर बेरोजगार नौजवानों से जुडने का आहवान किया है ताकि उन्हे घर द्वार ही रोजगार उपलब्ध हो सके।
संधोल में 35 करोड़ से निर्मित हो रहा सिविल अस्पताल, तो 25 करोड़ से मिनी सचिवालय
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे विकास की चर्चा करते हुए कहा कि संधोल में लगभग 35 करोड़ रूपये की लागत से सिविल अस्पताल भवन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस अस्पताल परिसर में जहां इस क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित होगी तो वहीं आठ मंजिला इस भवन में मरीजों व तीमारदारों के लिये लिफ्ट की सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी। साथ की कहा कि संधोल में ही लगभग 25 करोड़ रूपये की राशि व्यय कर मिनी सचिवालय का निर्माण कार्य भी जारी है। इस परिसर के निर्मित हो जाने से सभी कार्यालय एक ही छत के नीचे आ जाएंगे। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र सैनिक बहुल क्षेत्र है, ऐसे में पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों सहित वीर नारियों की सुविधा के लिये संधोल में ही लगभग सात करोड़ रूपये की लागत से सीएसडी कैंटीन, ईसीएचएस तथा सैनिक विश्राम गृह का निर्माण कार्य भी जारी है। इसके अतिरिक्त आईटीआई का भवन भी जल्द बनकर तैयार होने वाला है।
संधोल क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को निर्मित होगी 40 करोड़ रूपये की नई परियोजना
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि संधोल क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान किया है, इसके अलावा सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है। इसके अलावा इस क्षेत्र की छूटे हूए गांवों को सिंचाई सुविधा मुहैया करवाने को प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत लगभग 40 करोड़ रूपये की एक नई परियोजना का निर्माण किया जाएगा ताकि इस क्षेत्र के प्रत्येक खेत तक पानी की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होने कहा कि धर्मपुर विस क्षेत्र में बिजली की समस्या के समाधान को जहां 33 केवी के 11 विद्युत उपकेंद्र स्थापित किये हैं तो वहीं चकयाणा में लगभग 50 करोड़ रूपये की लागत से 132 केवी विद्युत केंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि अकेले संधोल में ही 33 केवी के 2 विद्युत उपकेंद्र स्थापित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि संधोल प्रदेश का पहला एक ऐसा गांव बना है जहां सीवरेज की सुविधा उपलब्ध करवाई है। उन्होने कहा कि नेरी पंचायत में छूटे हुए घरों को सीवरेज सुविधा से जोड़ने को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों क मौके पर ही निर्देश दिये।
जशक्ति मंत्री ने कंद्रोह में संपर्क मार्ग को पक्का करने की घोषणा तथा खेल मैदान निर्माण को 2 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की। बांह गांव को संधोल के लिये बस सुविधा की मांग पर एक बस को वाया बांह चलाने, बांह में जमीन उपलब्ध होने पर वर्षा शालिका निर्मित करने, ट्रंासफार्मर को सडक के किनारे स्थापित करने तथा स्कूल के लिये नया भवन निर्मित करने की भी घोषणा की। साथ लोअर चतरोन को संपर्क मार्ग से जोडने, 25 हजार लीटर का जल भंडारण टैंक निर्मित करने तथा महिलाओं की सुविधा के लिये सिलाई-कढ़ाई केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की।
उन्होने मसोत को कमलाह से वाया लंघा जोडने की मांग पर सडक निर्माण करने की भी घोषणा की। साथ ही मसोत में 3 सोलर लाइट्स भी स्वीकृत की। इसके अलावा संधोल पंचायत की विभिन्न मांगों पर चरणबद्ध तरीके से पूरे करने का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला पार्षद मीना कुमारी, पूर्व जिला पार्षद एवं प्रधान घनाला कश्मीर सिंह ठाकुर, कुलदीप चंद, ज्योति प्रकाश, चंद्रपाल, प्रताप, रक्षा देवी, राजेंद्र मंढोत्रा, आशा कुमारी, अमर सिंह सहित विभिन्न पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।

Samagra Sikhsha

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