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नरेंद्र मोदी का किसानों की आय दुगना करने का वायदा निकला जुमला, किसान बागवान आज सड़कों पर उतरने को मजबूर – सुखविंदर सिंह सुक्खू

*पहली बार किसी सरकार ने सेब व फलों की पैकेजिंग सामग्री पर लगाया जीएसटी*

*कृषि बागवानी आयोग गठित करेगी कांग्रेस

*पुरानी पेंशन लागू करने के साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाएगी कांग्रेस *

शिमला, अगस्त 6 –

प्रदेश कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि  नरेंद्र मोदी ने पांच साल पहले किसानों की आय दुगने करने का जो वायदा किया था वो जुमला साबित हुआ है। किसान बागवान आज सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। शिमला में एक प्रैस कांफ्रेंस में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इन दिनों हिमाचल में सेब का सीजन चरम पर है, इसके बावजूद बागवान मजबूरन अपना काम छोड़कर  राज्य सचिवालय का घेराव करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि बागवानों को मजबूरन सड़कों पर उतरकर अपनी फसल को बचाने के लिए उतरना पड़ रहा है। इस आंदोलन में महिलाएं भी थीं जो कि कह रही थीं कि हमने अपने बागीचों को बच्चों की तरह पाला है, लेकिन यह सरकार उनको उजाड़ने पर उतारू है। उन्होंने कहा कि  भाजपा सरकार हिमाचल में सेब को खत्म करने  पर तुली हुई है।  आज तक सेब और अन्य फलों के कार्टन पर जीएसटी नहीं था, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इस पर 18 फीसदी जीएसटी लगा दिया। अब  जयराम सरकार  छह फीसदी जीएसटी कम करने की बात कर रही है।  सरकार को चाहिए था कि इस पूरे जीएसटी को ही खत्म कर देती। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार ने सेब की दवाइयों पर सब्सिडी खत्म कर दी। इससे सेब उत्पादन की लागत कई गुणा बढ़ गई है, जबकि इसके अनुपात में उनको इसके दाम नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के नकारात्मक रवैये  से हिमाचल में  4000 करोड़ से अधिक की सेब की आर्थिकी पर संकट खड़ा हो गया है। हिमाचल में सेब से सीधी तौर पर एक लाख युवाओं को रोजगार मिला हुआ है जबकि करीब 1.50 लाख परिवार इससे जुड़े हुए हैं। अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। यही नहीं सेब से हिमाचल की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है। मगर  भाजपा सरकार सेब की आर्थिकी को तहस नहस कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों  लेते हुए कहा कि हिमाचल के बागवनों को झूठा आश्वासन देकर वोट की राजनीति कर गए। उन्होंने याद दिलाया कि मंडी में एक रैली में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सेब आयात शुल्क 100 फीसदी किया जाएगा ताकि विदेश से सस्ता सेब देश में न आए। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि यह आनंद शर्मा ही थे  जिन्होंने वाणिज्य मंत्री रहते हुए सेब पर 50 फीसदी आयात शुल्क लगाया था।  मोदी सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर हमला करते हुए कहा कि जयराम ठाकुर किसानों और बागवानों को हितैषी होने का ढोंग रच रहे हैं। उन्होंने जयराम ठाकुर से कहा कि जुमलों और झूठे वायदों से सता नही मिलती। ऐसे में वे दोबारा सता में आने का सपना छोड़ दे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में फसल बीमा योजना से बागवानों और किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा। बीमा कंपनियां फसल  बर्बाद होने पर किसानों और बागवानों को नाममात्र के मुआवजा देकर करोडों ऐंठ रही है।

*कृषि- बागवानी आयोग गठित करेगी कांग्रेस*

कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐलान किया है कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार बनते ही किसानों और बागवानों के लिए एक आयोग का गठन करेगी। आयोग सेब और अन्य फलों की लागत , इनके मार्केट में दाम का मूल्यांकन करेगी और  इसके आधार पर इनके लिए न्यूनतम सर्मथन मूल्य निर्धारित करेगी। फलों की दवाओँ और खादों की सब्सिडी को भी तय किया जाएगा ताकि इनकी लागत कम रहे और बागवानों को इनके उचित दाम मिले।

*जयराम में प्रशासनिक क्षमता का अभाव, नाम मात्र के सीएम*

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर में प्रशासनिक क्षमता का अभाव है और वे नाम मात्र के मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार से आज हर वर्ग त्रस्त है। किसान, बागवान, कर्मचारी सभी वर्ग  इस सरकार से पूरी तरह से परेशान है। उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी वर्ग का प्रदेश के विकास में अहम योगदान है और जिसके दम पर हिमाचल को देश में कई पुरस्कार मिले हैं, उनको ही  इस सरकार ने हाशिये पर धकेल दिया है। कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नसीहत दी कि वे अहम में न रहें, जिन कर्मचारियों ने आपको सता में पहुंचाया है वे आपको सता से बाहर करने की भी ताकत रखते हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अहम त्याग कर अभी कर्मचारियों और अन्य वर्गों की मांगों को मान लेना चाहिए।

*ओल्ड पेंशन लागू करेगी कांग्रेस*

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के विभिन्न विभागों, बोर्डों, विश्वविद्यालयों सहित अन्य उपक्रमों में तैनात कर्मचारियों के लिए पुरानी पैंशन का प्रावधान कांग्रेस सता में आने पर करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीते लंबे समय से हिमाचल के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने का मुद्धा लगातार उठाती रही है। लेकिन जयराम सरकार ने इस पर अड़ियल रवैया अपना रखा है। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों की भी अनदेखी के सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सभी आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए एक नीति बनाएगी। वे आउटसोर्स कर्मचारी जिनको सरकारी खजाने से पैसा जा रहा है उनको इस नीति में शामिल किया जाएगा।

*पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में सरकार की भूमिका संदिग्ध*

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे  इसकी सीबीआई जांच से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने का खुलासा जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने पहले कर दिया था लेकिन सरकार इसको लगातार दबाने का प्रयास करती रही। लेकिन जब एसपी नहीं मानें तो मुख्यमंत्री ने इस पेपर को आनन फानन में रद्द कर दिया। इसके बाद खुद सीबीआई जांच करने का ऐलान किया। मगर अब इसकी जांच करवाने से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस रवैये से सरकार की इसमें संलिप्तता का अंदेशा हो रहा है। इसलिए वे सीबीआई जांच से डर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस सता में आने पर इसकी एसआईटी से जांच करवाएगी। इसमें जो भी मंत्री गण, अधिकारी संलिप्त होंगे,उनको जांच के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

*कांग्रेस व्यवस्था परिवर्तन के लिए लड़ेगी चुनाव*

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार महंगाई रोकने  में नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने कुछ राजनीतिक उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए उज्जवला योजना चलाई। लोगों को पहले निशुल्क चूल्हे  और सिलेंडर दिए और अब 1150 रुपए में  सिलेंडर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह  सरकार के समय में जब सिलेंडर 400 रुपए में था तो यही भाजपा हाय तोबा मचाती थी, मगर आज 1150 रुपए सिलेंडर लोगों को देने पर वह खामोश है। उन्होंने कहा कि महंगाई से राहत देने के लिए पूर्व की वीरभद्र सरकार ने लोगों को राशन डिपुओं के माध्यम से सस्ती दालें और तेल उपलब्ध करवाया था। यह लोगों को राहत थी। मगर मोदी सरकार  रोजमर्रा की चीजों के लगातार दाम बढ़ाकर लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार सता में आएगी तो वह लोगों को राहत देने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने साफ किया कि  कांग्रेस हिमाचल में चुनाव सता के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए जीतेगी। किसानों को कर्ज मुक्त बनाएंगे और महंगाई से राहत देने के लिए सरकार कदम उठाएगी।

*मोदी सरकार अराजकता का माहौल तैयार कर रही*

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र की मोदी सरकार को तानाशाह सरकार करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है ताकि उसकी जन विरोधी नीतियों को कोई विरोध न करे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों और फैसलों को खुलकर विरोध कर रहे हैं। इसलिए उनको ईडी के माध्यम से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ईडी का इस्तेमाल चुनाव जीतने के मकसद से कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरीके से ही चुनाव जीतने हैं तो चुनाव आयोग को खत्म कर ईडी में बदल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और उनके मंत्रियों ने हिमाचल की जनता से झूठे वादे किए। मोदी ने ऊना  तलवाड़ा रेलवे लाइन  तीन साल में पूरा करने का वादा किया था। लेकिन अब तक यह पूरी नहीं हुई।  नौ साल पहले यूपीए सरकार ने मंडी में आईआईटी और देहरा में सेंट्रल दी थी ,लेकिन आज तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पठानकोट मंडी जोगिंदर नगर फोरलेन और शिमला मटौर फोरलेन को तीन साल में पूरा करने की घोषणा चुनावों के समय की थी, लेकिन इनकी हालात क्या है यह सब जानते हैं।

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