प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए बजट नहीं जारी होने से खतरा
1 min readशिमला, 26 सितम्बर: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले पांच महीनों से मिड-डे मील के लिए बजट जारी नहीं हो पा रहा है, जिससे बच्चों को मिड-डे मील देना मुश्किल हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि अब तक दुकानों से उधार लेकर मिड-डे मील बच्चों को परोसा जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग को दो बार कह दिया है कि अगर जल्दी ही बजट नहीं जारी हुआ तो अगले महीने से स्कूलों में मिड-डे मील बंद कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि बहुत सारे स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा।
दूसरी ओर, शिक्षा विभाग ने दो वर्ष की अनुबंध सेवाएं पूरी करने वाले स्कूल लेक्चरर को नियमित करने का निर्णय लिया है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने नियमितीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की है और लेक्चररों से आवश्यक डोक्यूमेंट्स की मांग की है।
उपनिदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले लेक्चररों की विस्तृत जानकारी को अपने जिला के प्रधानाचार्यों से जमा करने का आदेश दिया गया है। इसके बाद, नियमितीकरण प्रक्रिया के लिए लेक्चररों से संबंधित डिटेल प्रोफार्मा-ए और बी फॉर्म भरकर निदेशालय को भेजा जाएगा।

