Himachal Tonite

Go Beyond News

आंदोलनरत किसानों के साथ वार्ता के नाम पर केवल औपचारिकता – राठौर

शिमला,15 दिसम्बर – कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि आंदोलनरत किसानों के साथ वार्ता के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत सरकार इस आंदोलन को लंम्बे समय तक खिंचने का प्रयास कर रही है,जिससे किसान थक हार कर इस आंदोलन को खुद ही खत्म कर दे।उन्होंने कहा है कि यह आंदोलन तबतक खत्म नही होगा जबतक की यह तीनों कानून रद्द नही किये जाते।उन्होंने कहा कि देश का किसान एकजुट और अपनी मांगों को लेकर अड़िग है।

आज यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा कि किसानों का आज यह आंदोलन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है और सरकार इनके साथ वार्ता के नाम पर टाइम पास कर रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा किसानों के इस आंदोलन को बदनाम करने की पूरी कोशिश की जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन में अपने अवांछित तत्वों को भेज कर उपद्रव फैलाने की कोशिश में है।

उन्होंने कहा कि आज देश का लोकतंत्र खतरे में है,जहां लोगों की आवाज की कोई सुनवाई नही है।उन्होंने कहा कि जो अपनी आवाज उठाना चाहते है उन्हें देशद्रोही,राष्ट्र विरोधी का नाम दिया जाता है।उन्होंने कहा कि आज विपक्ष को भी दबाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि आज देश के किसानों के साथ जिस प्रकार जनमानस खड़ा हुआ है,वह हमारी एकता को दर्शाता है,और यह आंदोलन एकता के साथ आगे बढ़ रहा है।

राठौर ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार की आलोचना करते हुए कहा कि 1990 में जब वह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उस समय शिमला में बागवानों पर लाठियां भांजी थी और कोटगढ़ में गोलियां चलाई थी जिसमें प्रदेश के पांच युवा बागवानों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।उन्होंने कहा कि आज भी उनका किसान विरोधी बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ही किसान, बागवान व गरीब विरोधी रही है और इनकी पूंजीपतियों की विचारधारा रही है।

राठौर ने प्रदेश के किसानों, बागवानों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए किसान आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि कृषि के नए कानून पूरी तरह देश विरोधी है और इनका पूरी तरह विरोध किया जाना चाहिए।

राठौर ने प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को जारी रोस्टर को पूरी तरह से पंचायती राज एक्ट व गाइडलाइंस के विपरीत बताते हुए कहा कि भाजपा ने इसे अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार जारी किया है।उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी वोटर्स बनाए जा रहें है।उन्होंने इन्हें चेतवानी देते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों पर अपनी पूरी नजर रखें हुए है।उन्हें अपनी कोई भी रेखा नही लांघनी चाहिए व उन्हें पूरी जिम्मेदारी से ईमानदारी से अपने कार्यों को पूरा करना चाहिए।

Keekli presents Fiction Treasure Trove 2022

Leave a Reply

Your email address will not be published.