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सहारा योजना के तहत जिला में मिल रही 939 पात्र लोगों को सहायता – डाॅ0 प्रकाश दरोच 

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बिलासपुर 12 मार्च –  हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल वासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण सहारा योजना चलाई गई है। यह योजना प्र्रदेशवासियों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 प्रकाश दरोच ने बताया कि आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग जिनकी आय 4 लाख रुपये से कम है और एकल परिवार से संबध रखते हैं, उनके लिए कुछ निर्दिष्ट रोगों से पीडित होने पर सामाजिक सुरक्षा व वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सहारा योजना शुरु की गई है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत आने वाली बीमारियां जिसमें पार्किसन, मस्कुलर डिस्ट्राॅफी, थैलेसीमिया, कैंसर रोग, हीमोफीलिया, गुर्दे की विफलता, पैरालिसिस तथा इसके अतिरिक्त कोई अन्य रोग जो स्थाई रुप से किसी रोगी को अक्षम करते है, उनको सहायता प्रदान की जाती है।

सहारा योजना के तहत रोगी को अब प्रतिमाह 3 हजार रुपये वित्तीय सहायता हिमाचल सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है जबकि इससे पहले 2 हजार रुपये दिए जाते थे। यह वित्तीय सहायता लाभार्थी के सीधे खाते में जमा होगी। इस योजना के अंतर्गत सरकारी एवं पेंशन भोगी व्यक्ति जो कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ उठाते हैं इस योजना के पात्र नहीं होंगे।

उन्होंने बताया कि सहारा योजना का मुख्य उद्देश्य लंबी बीमारी में उपचार के दौरान रोगियों व उनके परिजनों को आने वाली वित्तीय और अन्य समस्याओं से निजात दिलवाना है।

उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए निर्धारित प्रपत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जिसमें बीमारी के दस्तावेज, फोटो पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र, स्थाई प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण पत्र, बैंक खाते की पूर्ण जानकारी तथा जीवन प्रमाण पत्र सलंग्न करके खंड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाने होंगे। दस्तावेज अपने क्षेत्र की आशा वर्कर व स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में भेजे जा सकते है।

उन्होंने बताया कि मरीज के पूर्ण दस्तावेज खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमा करवाने पर आशा वर्कर को 200 रुपये प्रति केस, प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इस योजना की जानकारी के लिए आवेदक आशा वर्कर व स्वाास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते है।

उन्होंने सभी पात्र व्यक्त्यिों से आग्रह किया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी बीमारी से पीडित हो तो अपना पंजीकरण जल्दी से जल्दी करवाएं और योजना का लाभ उठाएं।

उन्होंने पात्र लोगों से अनुरोध किया है कि हर 6 महीने के बाद जीवित प्रमाण पत्र (सपअम बमतजपपिबंजम) सम्बंधित खण्ड चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से भेजे अन्यथा इस योजना में दी जाने वाली राशि के भुगतान में देरी हो सकती है।

Samagra Sikhsha

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