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मुख्यमंत्री जान लें, मुकदमों से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटने वाला : जयराम ठाकुर

20 सितंबर 2026 :

सुक्खू सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाएं तार-तार कर रही, भाजपा नेताओं के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करने वाले कांग्रेसियों को सरकार दे रही संरक्षण

बिलासपुर/घुमारवीं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर सोशल मीडिया के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार राजनीतिक विरोधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के लिए मुकदमों और प्रशासनिक दबाव का सहारा ले रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ता के संरक्षण में भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर बेहद निम्नस्तरीय और घृणित अभियान चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं की जा रही है। घुमारवीं में भाजपा के नेता एवं पूर्व मंत्री के खिलाफ घटिया अभियान चलाने वालों के खिलाफ मुकदमे तक दर्ज नहीं हो रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक शिकायत पर पूरा पुलिस महकमा हरकत में आ जाता है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने सत्ता के अहंकार में राजनीतिक मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। सोशल मीडिया पर अपनी सरकार और नेताओं के पक्ष में प्रचार करने के लिए जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जब भाजपा कार्यकर्ता सरकार की नाकामियों और जनविरोधी फैसलों को उजागर करते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। यह सरकार की बौखलाहट और हताशा का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के एक पूर्व मंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे घृणित और आपत्तिजनक अभियान पर शिकायतों के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। इतना ही नहीं, भाजपा नेताओं के खिलाफ अभियान चलाने वाले सोशल मीडिया पेज के संबंध में एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी का तबादला चुटकियों में हो जाता है। सरकार और अधिकारी यह कायदे से समझ लें कि कानून सबके लिए समान है। इसलिए विपक्ष के लिए अलग कानून और सत्ता पक्ष के लिए अलग-अलग मानदंडों पर काम न करें।

जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अधिकारी कान खोलकर सुन लें—किसी व्यक्ति या सरकार के साथ अपना भविष्य जोड़ने के बजाय संविधान, कानून और अपनी शपथ के साथ अपना भविष्य जोड़ें। राजनीतिक दबाव में काम करने के बजाय लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत निष्पक्ष कार्रवाई करें। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और अधिकारी की अपनी जिम्मेदारी लंबे समय तक रहती है। इसलिए इस सरकार के भविष्य के साथ अपना भविष्य न जोड़ें।

उन्होंने कहा कि मुकदमों और सरकारी दमन से भाजपा का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है। जितना सरकार डराने और दबाने का प्रयास करेगी, उतनी ही मजबूती से भाजपा कार्यकर्ता सरकार के काले कारनामों और जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने रखेंगे। लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश करना सरकार की हताशा और कुंठा को सामने ला रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हार की हताशा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन सरकार यह भ्रम न पाले कि मुकदमे दर्ज करके वह भाजपा के कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ सकती है। दमन से हमारा मनोबल टूटेगा नहीं, बल्कि और मजबूत होगा।

उन्होंने कहा, “सुक्खू सरकार जितना जोर लगाना चाहती है, लगा ले, अब भाजपा रुकने वाली नहीं है। सरकार की हर गलत नीति, हर जनविरोधी निर्णय और हर लोकतांत्रिक मर्यादा के उल्लंघन का जवाब संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। सत्ता के नशे में बैठे लोग यह न भूलें कि जनता सब देख रही है और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है।”

इस मौके पर पूर्व मंत्री राजिन्द्र गर्ग, बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जमवाल, झंडूता विधायक जीतराम कटवाल समेत अन्य भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Samagra Sikhsha

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