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पूरे हिमाचल प्रदेश में घूमेगा पूर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह अस्थि कलश

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह की अस्थियों को हरिद्वार के साथ-साथ हिमाचल की प्रमुख नदियों में भी विसर्जित किया जाएगा। इस तरह की एक योजना बनाई गई है, जिस पर सोमवार तक निर्णय लिया जाएगा। प्रदेश के हर दिल अजीज नेता के अस्थि कलश को लेकर कांग्रेस पार्टी हर ब्लॉक तक पहुंचेगी, ताकि वहां पर लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि दे सकें। जानकारी के अनुसार हरिद्वार में अस्थियों का विसर्जन 17 जुलाई को किया जाएगा। परिवार के सदस्य हरिद्वार में अस्थि विसर्जन करेंगे। स्व. वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह सहित कुछ सदस्य हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के लिए जाएंगे।

वहीं इसी दिन प्रदेश के 71 ब्लॉक में अस्थि कलश को ले जाया जाएगा, जहां पर लोग स्व. वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि देंगे और इसके साथ प्रदेश की प्रमुख नदियों सतलुज, ब्यास, चिनाब, रावी, टौंस सहित ब्लॉकों के संगम स्थलों में वीरभद्र सिंह की अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा। परिवार के सदस्यों और पार्टी ने निर्णय लिया है कि अस्थि विसर्जन कार्यक्रम को ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। धार्मिक रीति रिवाजों और मंत्रोचारण के साथ स्व. वीरभद्र सिंह की अस्थियों को विसर्जित किया जाएगा। 15 जुलाई को रामपुर के पदम पैलेस से अस्थि कलश को सभी ब्लॉक के लिए भेजा जाएगा। 16 को यह अस्थियां ब्लॉक स्तर पर पहुंच जाएंगी। 17 जुलाई को ब्लॉक कांग्रेस कार्यालयों से अस्थि विसर्जन स्थल तक लोग इस कलश को लेकर जाएंगे। अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी, प्रदेश के आम लोगों के अलावा दूसरे राजनीतिक दलों के लोगों को भी बुलाया जाएगा।

रामपुर में 18 को शुद्धि कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार 18 जुलाई को रामपुर स्थित पदम पैलेस में शुद्धि कार्यक्रम रखा गया है। पहले कहा जा रहा था कि वीरभद्र सिंह की अस्थियों को तांदी संगम में प्रवाहित किया जाएगा। अब हरिद्वार सहित सभी ब्लॉकों में अस्थियों का विसर्जन करने का निर्णय लिया गया है।

पहले नेहरू-इंदिरा की राख आई थी

यह पहली बार नहीं जब प्रदेश और देश की महान विभूतियों को निधन के बाद भी ऐतिहासिक मुकाम दिया गया। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की राख को हिमाचल की नदियों में विसर्जित किया गया था। अब वीरभद्र सिंह को यह सम्मान दिया जा रहा है।

Samagra Sikhsha

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