दिवाली के दौरान शिमला में पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल के लिए 14 स्थान निर्धारित
शिमला 04 नवंबर, 2026
4 से 9 नवंबर तक लागू रहेंगे आदेश
उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने दिवाली पर्व के दौरान पटाखों एवं अन्य आतिशबाजी सामग्री की बिक्री, उपयोग, परिवहन और भंडारण को लेकर आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार शिमला नगर निगम क्षेत्र में पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जा सकेगा।
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि दिवाली के अवसर पर बड़ी संख्या में दुकानदारों एवं अन्य लोगों द्वारा पटाखों की बिक्री, परिवहन और इस्तेमाल किए जाने की संभावना रहती है। इससे आगजनी, विस्फोट तथा अन्य दुर्घटनाओं के कारण आम लोगों के जीवन एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसी के दृष्टिगत जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
*इन 14 स्थानों पर होगी पटाखों की बिक्री*
आदेश के अनुसार शिमला नगर निगम क्षेत्र में पटाखों की बिक्री के लिए आइस स्केटिंग रिंक शिमला,
पुराना एसपीएम ग्राउंड इंजन घर संजौली, बालूगंज ग्राउंड गोपाल मंदिर के सामने, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ग्राउंड समरहिल,
खलीणी बाईपास त्रिलोक चंद शॉप के समीप, छोटा शिमला से कसुम्पटी की ओर ओपन प्लेस,
जीएसएसएस फागली के समीप ओपन ग्राउंड, पुलिस हेड क्वार्टर निगम विहार के समीप, पंचायत ग्राउंड भट्टाकुफर,
बस स्टैंड सेक्टर-6 कंगनाधार न्यू शिमला के समीप, विकास नगर पुलिस चौकी के समीप, रानी ग्राउंड कसुम्पटी, न्यू पार्किंग टूटू तथा संकटमोचन मंदिर की कार पार्किंग की ऊपरी मंजिल को पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित किया गया है।
*सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश*
नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग को निर्धारित स्थानों पर निशानदेही कर स्टॉल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए पानी और रेत से भरे बैग उपलब्ध करवाए जाएंगे। वहीं अग्निशमन विभाग इन सभी स्थानों पर अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्थानों पर खड़े सभी वाहनों को हटाना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक शिमला को सौंपी गई है।
यह आदेश 4 से 9 नवंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
.0.क्रमांक 08/11 शिमला 04 नवंबर, 2026
*दिवाली के दौरान शिमला में पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल के लिए 14 स्थान निर्धारित*
*4 से 9 नवंबर तक लागू रहेंगे आदेश*
उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने दिवाली पर्व के दौरान पटाखों एवं अन्य आतिशबाजी सामग्री की बिक्री, उपयोग, परिवहन और भंडारण को लेकर आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार शिमला नगर निगम क्षेत्र में पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जा सकेगा।
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि दिवाली के अवसर पर बड़ी संख्या में दुकानदारों एवं अन्य लोगों द्वारा पटाखों की बिक्री, परिवहन और इस्तेमाल किए जाने की संभावना रहती है। इससे आगजनी, विस्फोट तथा अन्य दुर्घटनाओं के कारण आम लोगों के जीवन एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसी के दृष्टिगत जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है।
*इन 14 स्थानों पर होगी पटाखों की बिक्री*
आदेश के अनुसार शिमला नगर निगम क्षेत्र में पटाखों की बिक्री के लिए आइस स्केटिंग रिंक शिमला,
पुराना एसपीएम ग्राउंड इंजन घर संजौली, बालूगंज ग्राउंड गोपाल मंदिर के सामने, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ग्राउंड समरहिल,
खलीणी बाईपास त्रिलोक चंद शॉप के समीप, छोटा शिमला से कसुम्पटी की ओर ओपन प्लेस,
जीएसएसएस फागली के समीप ओपन ग्राउंड, पुलिस हेड क्वार्टर निगम विहार के समीप, पंचायत ग्राउंड भट्टाकुफर,
बस स्टैंड सेक्टर-6 कंगनाधार न्यू शिमला के समीप, विकास नगर पुलिस चौकी के समीप, रानी ग्राउंड कसुम्पटी, न्यू पार्किंग टूटू तथा संकटमोचन मंदिर की कार पार्किंग की ऊपरी मंजिल को पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित किया गया है।
*सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश*
नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग को निर्धारित स्थानों पर निशानदेही कर स्टॉल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए पानी और रेत से भरे बैग उपलब्ध करवाए जाएंगे। वहीं अग्निशमन विभाग इन सभी स्थानों पर अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्थानों पर खड़े सभी वाहनों को हटाना अनिवार्य होगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक शिमला को सौंपी गई है।
यह आदेश 4 से 9 नवंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगा।

