तुर्की के बाद बिलासपुर की बंदलाधार होगी सबसे ऊंची साइट
पर्यटन की दृष्टि से बिलासपुर दुनिया भर में मशहूर होगा।दुनिया की तीन बेहतरीन, सुरक्षित और सबसे खूबसूरत एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट में से एक बिलासपुर जिले की बंदला धार में बनेगी। विश्व में तुर्की और नेपाल के पोखरा में एक्रो पैराग्लाइडिंग साइटस हैं। पोखरा साइट की ऊंचाई बंदला साइट से कम है, जबकि बंदला एक्रो पैराग्लाडिंग साइट तुर्की साइट के बराबर है। बंदला पैराग्लाइडिंग साइट का पंजीकरण होने के बाद यह दुनिया की तीन सबसे खूबसूरत साइट्स में शुमार होगी।
पैराग्लाडिंग एसोसिएशन और पर्यटन विभाग के प्रयासों से भारत की एकमात्र एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट के पंजीकरण के लिए टेक ऑफ साइट की एनओसी तो मिल गई, लेकिन गोविंदसागर झील के किनारे लैंडिंग करवाने के लिए बीबीएमबी की एनओसी के लिए पिछले 28 साल से प्रयास हो रहे हैं। पिछले दो वर्षों में सदर बिलासपुर के विधायक सुभाष ठाकुर के पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के चेयरमैन बनने के बाद इसकी प्रक्रिया में तेजी आई। जहां इसके पंजीकरण के लिए तकनीकी खामियों को क्लीयर किया, वहीं इसके टेक ऑफ की एनओसी भी ली गई।
अब बीबीएमबी की एनओसी लेने के लिए प्रक्रिया चल रही है। पर्यटन विभाग ने निदेशालय को फाइल भेजी है और बीबीएमबी से भी वार्ता चल रही है। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विशाल जस्सल ने कहा कि बंदला एक्रो पैराग्लाडिंग साइट की ऊंचाई समुद्रतल से 1350 मीटर है। वहीं ग्राउंड लेवल में इसकी ऊंचाई 850 मीटर है। इसके अलावा इस साइट का सबसे पॉजिटिव प्वाइंट यह है कि यहां पर हर मौसम में पैराग्लाइडिंग करना सुरक्षित है। साल के 10 महीने यहां पैराग्लाडिंग होगी। वहीं टेक ऑफ साइट 200 मीटर लंबी और 100 मीटर चौड़ी है।
पर्यटन विभाग बिलासपुर में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कर रहा काम
पर्यटन विभाग के सूचना अधिकारी रितेश पटियाल ने कहा कि बिलासपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां पर पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए विभाग सरकार के साथ मिलकर योजनाएं तैयार कर रहा है। बंदला एक्रो पैराग्लाडिंग साइट में टेक ऑफ की एनओसी क्लीयर हो चुकी है। लैंडिंग के लिए बीबीएमबी की एनआसी मिलने के बाद यह पंजीकृत हो जाएगी और यह एक्रो पैराग्लाडिंग साइट विश्व भर में प्रसिद्ध होगी।

