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आनी में साढ़े तीन सालों में 20064 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए

आनी, 22 जुलाई – किसानों की आय बढ़ाने के लिए हिमाचल सरकार लगातार किसान कल्याणकारी निर्णय ले रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय को दोगुनी करने के सपने को पूरा करने की दिशा में प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सरकार ने अनेकों योजनाओं को धरातल पर उतारा है। केंद्र सरकार की कृषक कल्याण की योजनाओं को भी किसानों तक पहुंचाया गया है। कृषि विभाग इन योजनाओं को सरकार के दिशा-निर्देशों में किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

जिला कुल्लू के आनी उपमंडल में भी किसान सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। बीते साढ़े तीन सालों में 20064 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत इन कार्ड को वितरित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2017 से 30 जून, 2021 तक किसानों के 1867 मृदा के नमूनों का परीक्षण किया गया। इससे किसानों को खेतों की मृदा के बेहतर स्वास्थ्य और उर्वरता में सुधार के लिये पोषक तत्वों का उचित मात्रा में उपयोग करने के साथ ही मृदा की पोषक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो रही है।

वर्तमान प्रदेश सरकार किसानों की फसलों को आवारा पशुओं और बंदरों सहित अन्य जंगली जानवरों से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार ने मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना शुरु की है। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों को आवारा जानवरों और जंगली जानवरों से बचाना है। इस योजना के तहत किसानों के खेतों के चारों ओर बाड़ा लगाया जाता है, जिसमें नियंत्रित बिजली के करंट से जानवर खेत में प्रवेश नहीं कर पाते। इससे किसान और जानवर दोनों को नुक्सान नहीं होता। योजना के तहत वर्ष 2018-19, 2019-20 व 2020-21 में अब तक 2 करोड़ 10 लाख रुपए खर्च किए गए व 82 किसानो ने अपनी जमीन को बाड़-बंदी के द्वारा सुरक्षित किया।

किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का लाभ भी सरकार ने दिया। इस योजना के तहत अनाजों, दालों व परंपरागत फसलों के प्रोत्साहन देने के लिए वर्ष 2018-19, 2019-20 व 2020-21 में अब तक 37 लाख रुपए खर्च किए गए. इसके अतिरिक्त इसी योजना के अंतर्गत किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए कीटनाशक, खरपतवार नाशक, स्प्रे-पम्प, पावर वीडर इत्यादि 50 फीसदी अनुदान पर वितरित किए गए व 8500 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की बात करें तो वर्ष 2018-19, 2019-20 व 2020-21 में इस योजना अंतर्गत सब्जियों को प्रोत्साहन देने के लिए अब तक 704 किसानों को टमाटर, मटर, खीरा व बंदगोभी के खेत प्रदर्शन वितरित किए गए जिस पर 25.31 लाख रुपए खर्च किए गए।

राज्य कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत वर्ष 2018-19, 2019-20 व 2020-21 में अब तक 215 किसानों को पावर वीडर व 320 किसानों को घास काटने की मशीन पर 50 फीसदी अनुदान दिया गया व कुल 81 लाख रुपए खर्च किए गए।

डॉ यशवंत सिंह परमार किसान स्वरोजगार योजना के अंतर्गत किसानों को पॉलीहाउस बनाने के लिए 85 फीसदी अनुदान दिया जाता है। 2018-19 में इस योजना के तहत 7.71 लाख रुपए खर्च किए गए व 12 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया। वर्ष 2020-21 से यह योजना मुख्यमंत्री नूतन पॉली हाउस योजना के नाम से शुरू की गई है व आनी विधानसभा क्षेत्र के लिए वर्ष 2021-22 में 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अतिरिक्त किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सभी फसलों, दालों, सब्जियों व दवाइयों पर 50 फीसदी अनुदान दिया गया जिस पर कुल 8.97 लाख रुपये खर्च किया गए जिसका लाभ लगभग 12500 किसानों ने उठाया।

Samagra Sikhsha

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