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विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कर्मचारियों की जवाबदेही भी होगी सुनिश्चितः वीरेंद्र कंवर

ऊना (25 फरवरी)- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा है कि पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर जन प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी सहायकों के कार्यों का अनिवार्य रूप से कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ अभियंता के कार्यों का सहायक अभियंता तथा सहायक अभियंता के कार्यों का अधिशाषी अभियंता टेस्ट चैक करेंगे। अगर गुणवत्ता में कमी या कोताही पाई गई, तो कर्मचारियों व अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बंगाणा में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित कार्यशाला के दौरान अपने संबोधन में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि ग्राम पंचायतों को दूरदर्शिता के साथ-साथ पारदर्शिता बरतते हुए योजनाएं तैयार करनी चाहिए। विकास योजनाएं भी सामुदायिक सहूलियत को देखते हुए तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी अनेकों पंचायतें हैं, जिन्होंने विकास के पथ पर विशेष नाम कमाया है और आज रोल मॉडल के रूप में उभरी हैं।

28 तक भेजें एक साल-पांच काम की कार्य योजना

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पंचायतों को पांच बड़े कार्य करवाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है तथा इस अभियान को एक साल पांच काम का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि पांच मुख्य काम करने के लिए एकजुटता से योजना तैयार करके 28 फरवरी से पहले भेजें। इस योजना के आधार पर ही पंचायत के विकास का ढांचा खड़ा होगा। चयनित विकास कार्य एक अप्रैल से शुरु होंगे। सभी बड़े कार्यों की समीक्षा तीन माह के बाद की जाएगी।

नए पंचायतों के भवन के लिए धन की कमी नहीं

कार्यशाला में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि नई पंचायतों के भवन बनाने के लिए धन की कमी नहीं है। पंचायत घर अच्छा और सुंदर बनाया जाना चाहिए। भारत निर्माण सेवा केंद्र के लिए 10 लाख रुपए मनरेगा से प्रदान किए जाएंगे। बाकी धन का प्रावधान अनस्पेंट मनी से किया जाएगा। अनस्पेंट मनी को डाइवर्ट करने के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी। भूमि चयन के लिए अनुमति एक माह में प्रदान की जाएगी। वन भूमि को झोड़ कर बाकी सरकारी कार्यों के लिए जमीन की एनओसी उपायुक्त देंगे।

प्रधान काम न करे, तो शक्तियां उप प्रधान को

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पंचायतों के संबंध में जो भी शिकायत हो उसके लिए बीडीओ ऑफिस में एक शिकायत एवं सुझाव पेटी रखी जाएगी। इसमें कोई भी व्यक्ति व जनप्रतिनिधि अपनी शिकायत डाल सकेगा। बीडीओ स्वयं इस शिकायत को पढ़ेंगे और कार्रवाई करेंगे। पंचायतों में अगर प्रधान सही काम नहीं करेंगे तो उप प्रधान को शक्ति दे दी जाएगी। अगर पंचायत में कोई भी काम नहीं कर पाएगा तो बीडीसी और ज़िला परिषद से उस पंचायत के विकास के लिए करार किया जाएगा।

काम तेज़ी से होः राघव शर्मा

कार्यशाला में उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य है कि पंचायत प्रतिनिधि अपने दायित्वों को समझें तथा काम तेजी से हो। एक साल पांच काम अभियान ग्राम पंचायतों की दशा बदल सकता है, इसलिए सभी मेहनत करें। बीडीओ को भी पांच काम अडोप्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकसित हो सके।

Samagra Sikhsha

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