भा.कृ.अ.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, शिमला पर पर्यावरण को बचाने हेतु वृक्षारोपण माह का आयोजन
भा.कृ.अ.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, शिमला पर पर्यावरण को बचाने हेतु वृक्षारोपण माह मनाया जा रहा है, जिसके तहद जगह-2 पर लोगों को पर्यापरण के प्रति जागरूक करने हेतु इसका प्रचार बैनर,पोस्टर लगाकर तथा वृक्षारोपण करके किया जा रहा है ! इस पर्यावरण बचाओ अभियान के तहद दिनांक 19.08.2021 को एक वृक्षारोपण कार्यक्रम इस केंद्र के अंत्तर्गत डॉ. बी.पी. पाल शोध एवं अध्ययन केंद्र, शांकली मे डॉ. के.के.प्रामाणिक, अध्यक्ष के द्वारा आयोजित किया गया ! जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. पि.के. चक्रबर्ती, सदस्य, कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड (ए.एस.आर.बी.), नई दिल्ली तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. मुक्ता चक्रबर्ती, प्रधान वैज्ञानिक थे ! कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. के.के.प्रामाणिक, अध्यक्ष, भा.कृ.अ.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र, शिमला ने की ! कार्यक्रम का शुभारम्भ इस केंद्र के अध्यक्ष डॉ. कल्लोल कुमार प्रामाणिक ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया तथा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम से अवगत करवाया ! उसके बाद मुख्य अतिथी डॉ. पि.के. चक्रबर्ती, सदस्य, कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड (ए.एस.आर.बी.), नई दिल्ली ने पर्यावरण के संरक्षण हेतु पौध रोपण के महत्व पर अपने विचार रखे एबं डॉ. बी.पी. पाल शोध एवं अध्ययन केंद्र देखकर खुश हुआ ! तत्पश्चात इस केंद्र के अध्यक्ष डॉ. कल्लोल कुमार प्रामाणिक ने बताया कि आज के मौजूदा परिपेक्ष में जब कोविड़ महामारी ने विश्व को घेरा हुआ है ऐसे में हमारे लिये पर्यावरण को बचाने तथा उसे संरक्षित करने की आवश्यकता है, जिसके लिये हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता है तथा उसके साथ-2 हमें साफ सफाई पर भी ध्यान रखना है तथा उन्होंने सबसे आहवान किया कि हरेक व्यक्ति कम से कम 3-4 पौधे आपने घर के पाश लगाये तथा उनका संरक्षण भी करे ! इस केंद्र के डॉ. बी.पी. पाल शोध एवं अध्ययन केंद्र, शांकली शिमला मे फलदार पौधे जैसे कि प्रुनस प्रजाति,अनार, काफल, बैहमी और चूली तथा जुनिफर के पौधरोपण किया गया ! इस सफल कार्यक्रम के लिये मुख्य अतिथि ने डॉ. के.के.प्रामाणिक के साथ सबको बधाई दिया !

