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प्रशासन ने झोलाछाप डाॅक्टरों पर कसा शिकंजा

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ऊना 24 मई: एसडीएम ऊना डाॅ. निधि पटेल के नेतृत्व में आज ऊना उपमण्डल के गांव रामपुर में क्लीनिक पर छापेमारी की गई। इस दौरान काफी अरसे से बिना लाइसेंस संचालित कर रहे एक झोला छाप चिकित्सक पर कार्यवाही की गई। इस दौरान बीएमओ डाॅ. बलराम धीमान तथा ड्रग इंस्पैक्टर विकास ठाकुर भी शामिल थे।
  छापेमारी के दौरान एसडीएम द्वारा उक्त चिकित्सक से आरएमपी प्रमाण पत्र मांगा गया, जिसे वह मौके पर पेश नहीं कर पाया। इसके अलावा क्लीनिक में काफी मात्रा में रखी गई दवाइयों का भी कोई रिकाॅर्ड नहीं दिया गया। जिस पर ड्रग्ज एण्ड काॅस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत कार्यवाही करते हुए इनके विरूद्ध मामला बनाया गया है। एसडीएम ने बताया कि ऐसे झोलाछाप डाॅक्टर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिन पर प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि आरोप सिद्ध होने पर इस मामले में पांच साल की जेल और एक लाख रूपये तक जुर्माना का प्रावधान है।
  एसडीएम ने बताया कि लोग डाॅक्टर को भगवान का दर्जा देते हैं, वहीं ऐसे झोलाछाप डाॅक्टर बेकसूर लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं जिन पर अंकुश लगाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छापेमारी की इस मुहिम को भविष्य में भी जारी रखा जाएगा तथा पैसे के लिए लोगों के जान दांव पर लगाने वाले ऐसे लोगों के विरूद्ध और सख्ती की जाएगी। उन्होंने लोगांे से भी आहवान किया है कि कोरोना महामारी संक्रमण के दौरान वे ऐसे किसी भी बिना चिकित्सा लाइसेंस दवाइयां दे रहे चिकित्सकों के पास न जाएं।

Samagra Sikhsha

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