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हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम लॉन्च करने वाला देश का पहला राज्य बना हिमाचल

शिमला 25 सितंबर, 2026

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने किया पोर्टल लॉन्च

*पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की बैठकों की कार्यवाही अब होगी ऑनलाइन*

डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासनिक संस्थान (MSHIPA) में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को लेकर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का शुभारंभ आज ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेस्ट प्रैक्टिसेज पर आधारित मैगजीन का विमोचन भी किया तथा हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च किया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। इस पोर्टल के माध्यम से पंचायतों, पंचायत समितियों (बीडीसी) और जिला परिषदों की बैठकों की कार्यवाही को ऑनलाइन किया जाएगा। इससे बैठकों की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा रिकॉर्ड को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से डिजिटल रूप में उपलब्ध करवाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभागीय योजनाओं एवं उनके नियमों की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है। नियमों की सही जानकारी एवं अनुपालना न होने के कारण कई बार बजट का समुचित उपयोग नहीं हो पाता तथा पंचायतों के निर्णयों से संबंधित विवाद एवं न्यायालयीन मामले भी सामने आते हैं। हिम ई-पंचायत के माध्यम से पंचायत बैठकों की कार्यवाही निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकेगी।

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र ग्रामीण है और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर है। सरकार तकनीक का उपयोग कर विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि हिम ई-पंचायत पोर्टल पर पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारी जुड़ सकेंगे। इसमें हिम एक्सेस के माध्यम से लॉगिन की सुविधा होगी, जिससे कर्मचारियों को अलग-अलग पोर्टल पर जाने की आवश्यकता कम होगी। पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद की बैठकों का एजेंडा, बैठक का विवरण तथा प्रोसिडिंग ऑनलाइन अपडेट की जा सकेगी।

पोर्टल में प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों सहित ग्राम सभा के सदस्यों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। बैठक के लिए आवश्यक कोरम की स्थिति भी सिस्टम के माध्यम से निर्धारित की जा सकेगी। बैठक की कार्यवाही तैयार होने के बाद ई-हस्ताक्षर की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे भौतिक रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और बैठकों से संबंधित डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।

मंत्री ने कहा कि हिम ई-पंचायत को पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के साथ भी जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में आम नागरिक कहीं से भी किसी पंचायत की बैठक की कार्यवाही देख सकेंगे। इससे पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की परिसंपत्तियों के लिए समय-समय पर उपलब्ध करवाए गए बजट का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से एक पंचायत घर निर्माण किया जा रहा है और प्रदेश के सभी पंचायत घरों को एक समान स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त बजट का नियमानुसार एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकसित भारत जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित करने पर भी जोर दिया।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के निर्देशों के बाद वर्ष 2024 से अधिकारियों के लिए इस प्रकार की वार्षिक कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में अधिकारियों को अद्यतन जानकारी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग पोर्टल भविष्य में पंचायती राज व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुरेंद्र मोहन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित योजनाओं की जिला विकास अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी होने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं एवं उनके प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक एमएसहिपा प्रशांत सरकैक सहित विभिन्न जिलों के जिला विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Samagra Sikhsha

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