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विक्रमादित्य सोच समझ कर बयानबाजी करें, बिना तथ्यो के कुछ भी बोलते है : हंसराज

शिमला : भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक हंस राज ने कहा की प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह एक बार फिर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने निकल चुके है। जिस प्रकार से उन्होंने आज मुद्दे उठाने का प्रयास किया है वो पूरी तरह से राजनीतिक भावनाओ से ग्रस्त थे।

विक्रमादित्य सोच समझ कर बयानबाजी करें, बिना तथ्यो के कुछ भी बोलते है।

उन्होंने कहा की प्रदेश राहत पैकेज में 2000 करोड़ से अधिक की सहायता राशि केंद्र सरकार द्वारा दी गई राशि है, जिसमे 1000 करोड़ मनरेगा का ,100 करोड़ आवास योजना का, 403 करोड़ 53 लाख राष्ट्रीय आपदा रिस्पॉन्स फंड का, राज्य आपदा रिस्पांस फंड के अंतर्गत 360 करोड़ 80 लाख, राज्य आपदा मिटिगेशन फंड के अंतर्गत 85 करोड़ 60 लाख की राशि केंद्र सरकार द्वारा सीधी हिमाचल प्रदेश को प्रदान की गई है। इसके अलावा 2700 करोड़ के लगभग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से हिमाचल प्रदेश की सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए केंद्र द्वारा भेजे गए। यहां तक की हिमाचल प्रदेश में विधायक निधि को रोक कर उसे भी इसी राहत पैकेज का एक हिस्सा बनाया गया। 225 करोड़ की राशि आम जनता ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दी इसको भी इस राहत पैकेज में सीधा-सीधा डाला गया।

हाल ही में केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री एवम पंचायती राज्य मंत्री गिरिराज सिंह से आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत और 10 हजार आवासों की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। हाल ही में केंद्र मंत्री गिरिराज सिंह ने हिमाचल के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत 11000 घरों व 27 हजार किलोमीटर सड़क की मंज़ूरी कराई थी।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 666 किलोमीटर सड़क एफडीआर तकनीक से बनाई जाएगी। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दी है। गौरतलब है कि फुल डेप्थ रेक्लेमेशन (एफडीआर) जर्मन तकनीक है। सड़कों की सतह उखाड़ने के बाद उसी मलबे से नई सड़क तैयार की जाती है । इस तकनीक के इस्तेमाल से प्रदूषण कम होता है । पीएमजीएसवाई में 2682 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनमें 666 किलोमीटर सड़कें एफडीआर तकनीक, 556 किलोमीटर सीमेंट स्टेबलाइजेशन और 1460 किमी सड़कों का निर्माण परंपरागत तरीके से किया जाएगा। खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने प्रति किलोमीटर के निर्माण या जीर्णोद्धार पर एक करोड़ रुपए का बजट तय किया है । PMGSY में 2680 करोड़ से ज्यादा का बजट जारी किया है ।

उन्होंने कहा केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पीडब्ल्यूडी विभाग की खाली झोली भर दी है। विभाग ने करीब डेढ़ साल में 2100 करोड़ रुपए खर्च करने का टारगेट तय किया है । इसमें से 700 करोड़ रुपए मौजूदा वित्तीय वर्ष में मार्च तक खर्च होंगे, जबकि आगामी वित्तीय वर्ष में यह लक्ष्य 1400 करोड़ रुपए का रहेगा। केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई में चरण तीन में राज्य को 3000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पीडब्ल्यूडी मार्च तक 700 करोड़ रुपए खर्च करेगा। दरअसल, केंद्र सरकार पीडब्ल्यूडी को बिल के आधार पर भुगतान करेगा। काम पूरा होने के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को बिल प्रस्तावित किए जाएंगे। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए पीएमजीएसवाई में पूरे देश का कुल बजट 19 हजार करोड़ रुपए है और इसमें से 3000 हजार करोड़ हिमाचल को मिलेंगे।

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