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कैटरिंग स्टाफ को 96 घंटे पूर्व रेपिड एंटिजन टेस्ट करवाना अनिवार्य -आदित्य नेगी

शिमला, जनवरी 1 – जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के अंतर्गत सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, शादियों के आयोजन के लिए कंटेनमेंट जोन के बाहर 50 लोगों की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह नियम जिला में कोविड महामारी की रोकथाम एवं सार्वजनिक हितों के मद्देनजर लिए गए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि सामुदायिक धाम में स्वच्छता एवं साफ-सफाई के लिए बायोडिग्रेडेबल प्लेट एवं कपों का प्रयोग करना तथा कैटरिंग स्टाफ को 96 घंटे पूर्व रेपिड एंटिजन टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि उपमण्डल स्तर पर किसी भी आयोजन के लिए एसडीएम की अनुमति एक सप्ताह पूर्व लेना आवश्यक है तथा संबंधित आयोजकों को एसडीएम के समक्ष लिखित रूप में देना होगा कि कोविड महामारी के सुरक्षा नियमों की पूर्ण रूप में अनुपालना की जाएगी।

आदित्य नेगी ने बताया कि कोविड की सुरक्षा के दृष्टिगत इस दौरान आयोजन स्थल पर थर्मल स्क्रिनिंग, सामाजिक दूरी एवं सैनेटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य होगा तथा मास्क संबंधित आदेशों का भी सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि कोविड महामारी की रोकथाम के लिए एसडीएम, तहसीलदार/नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी को बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा, ताकि धरातल पर सामुदायिक जागरूकता उत्पन्न हो सके।

उन्होंने सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवक मंडलों, समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापार मण्डल के सदस्यों से सहयोग की अपील की, जिससे इस वैश्विक महामारी की रोकथाम में मदद मिल सके।
उन्होंने बताया कि यह आदेश 31 जनवरी, 2021 तक तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी तथा समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की।

Samagra Sikhsha

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