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सिरमौर जिला के बच्चों में कुपोषण का स्तर राष्ट्रीय स्तर से कम-प्रियंका वर्मा

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नाहन 22 जून– जिला सिरमौर के बच्चों में कुपोषण का स्तर राष्ट्रीय स्तर से कम है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त सिरमौर  प्रियंका वर्मा ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित पोषण अभियान के अतंर्गत जिला स्तरीय अभिसरण कमेटी की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने बताया कि गत दिनों राज्य स्तर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिला सिरमौर के बच्चों में कुपोषण  का स्तर अधिक होने के संकेत दिए थे जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग के साथ मिलकर खण्ड स्तर पर बच्चों मंे कुपोषण के स्तर की जांच की।
उन्हांेने बताया कि नाहन खण्ड में सर्वेक्षण के दौरान 1178 बच्चों का सैंपल लिया गया जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 4 जबकि मध्य कुपोषित बच्चों की संख्या 46 पाई गई है जबकि 154 बच्चों में बौनापन और 109 बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। पच्छाद खण्ड में 601 बच्चों का सैंपल लिया गया जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 13 जबकि मध्य कुपोषित बच्चों की संख्या 47 पाई गई है और 43 बच्चों में बौनापन जबकि 19 बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। संगडाह खण्ड में 1005 बच्चों का सैंपल लिया गया जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 18 जबकि मध्य कुपोषित बच्चों की संख्या 60 पाई गई है और 49  बच्चों में बौनापन जबकि 37 बच्चे कम वजन के पाए गए हैं।
शिलाई खण्ड में 590 बच्चों का सैंपल लिया गया जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 0 जबकि मध्य कुपोषित बच्चों की संख्या 22 पाई गई है और 54 बच्चों में बौनापन जबकि 18 बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। राजगढ खण्ड में 3349 बच्चों का सैंपल लिया गया जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 10 जबकि मध्य कुपोषित बच्चों की संख्या 159 पाई गई है और 90 बच्चों में बौनापन जबकि 164 बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। पांवटा खण्ड में 2084 बच्चों का सैंपल लिया गया जिसमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 16 जबकि मध्य कुपोषित बच्चों की संख्या 48 पाई गई है और 11 बच्चों में बौनापन जबकि 07 बच्चे कम वजन के पाए गए हैं।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर  स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोरोना के टीके लगवाने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जिला के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पानी के नल लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास अधिकारी व खण्ड विकास अधिकारियों को आगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माणाधीन भवनों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
इससे पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेन्द्र नेगी ने जिला स्तरीय अभिसरण कमेटी के समक्ष संबंधित गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

Samagra Sikhsha

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