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फोर्टिफाइड चावल बनेगे मध्या मील का हिस्सा

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हिमाचल प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को अब पोषणयुक्त भोजन मिलेगा। मिड-डे मील योजना के तहत इस महीने से विद्यार्थियों को फोर्टिफाइड चावल दिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम को आदेश जारी कर दिए हैं। फोर्टिफाइड चावल में आयरन, विटामिन बी-12, फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा की वजह से फोर्टिफाइड राइस की न्यूट्रीशनल वैल्यू भी ज्यादा होती है। विद्यार्थियों में कुपोषण दूर करने को सरकार ने यह निर्णय लिया है। प्रदेश के साढ़े पांच लाख विद्यार्थियों को मिड-डे-मील योजना में लाभान्वित किया जा रहा है। कक्षा एक से पांचवीं तक हर विद्यार्थी को 100 ग्राम फोर्टिफाइड राइस, जबकि कक्षा छठी से आठवीं तक हर विद्यार्थी को 150 ग्राम फोर्टिफाइड राइस मिलेंगे। फोर्टिफाइड राइस के माध्यम से संतुलित आहार पर बल देकर विद्यार्थियों में कुपोषण जैसी समस्या दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

कोरोना के चलते प्रदेश के स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत भोजन पकाने और परोसने पर रोक है। वर्तमान में प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षकों के माध्यम से चावल दिए जा रहे हैं। दाल, अन्य सामग्री और भोजन पकाने की लागत के रूप में प्रत्येक विद्यार्थी के बैंक खाते में 7 रुपये 45 पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। सरकार ने कक्षा एक से 12वीं तक ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। विद्यार्थियों को कब स्कूलों में मिड-डे मील योजना में भोजन परोसा जाएगा, इस बारे में स्पष्ट आदेश नहीं हैं।

कोरोना के चलते प्रदेश के स्कूलों में मिड-डे मील योजना के तहत भोजन पकाने और परोसने पर रोक है। वर्तमान में प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षकों के माध्यम से चावल दिए जा रहे हैं। दाल, अन्य सामग्री और भोजन पकाने की लागत के रूप में प्रत्येक विद्यार्थी के बैंक खाते में 7 रुपये 45 पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। सरकार ने कक्षा एक से 12वीं तक ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। विद्यार्थियों को कब स्कूलों में मिड-डे मील योजना में भोजन परोसा जाएगा, इस बारे में स्पष्ट आदेश नहीं हैं।

Samagra Sikhsha

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