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शिमला: कच्चीघाटी में एक और हादसा होने की गुंजाइश

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कच्चीघाटी इलाके में खतरा बरकरार है। यहां हाइवे के समीप अनसेफ हुए पांच-पांच मंजिला दो बड़े भवन कभी भी ढह सकते हैं। इनके अलावा नाले के समीप बना चार मंजिला भवन को भी खतरा है। इन सभी को शुक्रवार को खाली करवा दिया गया है। इलाके में भूस्खलन होने के कारण सात मंजिला भवन समेत कुल चार भवन ध्वस्त हो चुके हैं। जो भवन खड़े हैं, लोग उन्हें तोड़ने की मांग कर रहे हैं।

इनसे आसपास के दूसरे भवनों को भी खतरा है। शुक्रवार को कई फ्लैट से सामान भी बाहर निकाला गया। लोग नुकसान के लिए सरकार से मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं। उधर, राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि राजधानी की कच्ची घाटी में बहुमंजिला इमारत ढहने के मामले की जांच रिपोर्ट दस दिन में तलब कर ली है। मंत्री ने कहा कि यह हादसा किन कारणों से हुआ यह राजस्व विभाग के अधिकारी जांच करके विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देंगे।

कच्चीघाटी में चार भवन हो चुके हैं जमींदोज। सात मंजिला भवन के ठीक नीचे निर्मला भट्ठ का दो मंजिला मकान था जो भवन ढहने से मलबे में बदल गया। एक सिंगल स्टोरी मकान भी टूट गया। नाले के पास बने तीन मंजिला भवन नींव खिसकने से टेढ़ा होकर साथ लगते चार मंजिला चौहान कॉटेज पर टिक गया है।

हाईवे के पास बने पांच मंजिला पूजा कॉटेज, पांच मंजिला हरि पैलेस भवन अनसेफ हो गए हैं। इन्हें खाली करवा दिया है। बारिश का पानी न रिसे, इसके लिए इनकी नींव पर तिरपाल लगा दिए गए हैं। नाले के पास बना चार मंजिला चौहान कॉटेज भी दूसरे भवन पर गिरने से अनसेफ हो गया है।

Samagra Sikhsha

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