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कांग्रेस सरकार ने 10 महीने में 10300 करोड़ का लोन, गारंटी नौकरी विकास शून्य : बिंदल

शिमला, आर0टी0आई0 के माध्यम से मिली सूचना के अनुसार वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पिछले 10 महीने में 10,300 करोड़ रू0 का लोन लिया है। हमारा यह मानना है कि इसके अतिरिक्त भी लगभग 1000 करोड़ रू0 का लोन सरकार ने अन्य संस्थाओं द्वारा लिया है। इसका मतलब 10 महीने में 11300 करोड़ रू0 लोन लिया गया अर्थात 5 साल की सरकार में 60 हजार करोड़ रू0 का लोन लेने की तैयारी वर्तमान कांग्रेस पार्टी की सरकार ने कर ली है। डाॅ0 बिन्दल ने कहा कि ये 12000 करोड़ रू0 का लोन तो उस सूरत में होगा जब सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सरकार ने एक भी नया संस्थान प्रदेश में नहीं खोला । एक भी पुराने संस्थान को स्तरोन्नत नहीं किया। स्वास्थ्य विभाग में एक भी डाॅक्टर की भर्ती नहीं की, एक भी पैरा मैडिकल की भर्ती नहीं की। यही स्थिति शिक्षा व अन्य विभाग की हैं अर्थात एक साल में कर्मचारी रिटायर तो हुए पर नई भर्ती हुई है। प्रदेश में विकास कार्य बंद है, केवल वही कार्य चल रहे हैं जिन कार्यों पर केन्द्र सरकार से धन की स्वीकृति व धन प्राप्त हुआ है। यथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना , सैन्ट्रल रोड़ फण्ड (Central road fund ) स्वास्थ्य विभाग के वह भवन जिनमें केन्द्र के धन की स्वीकृति है, जल जीवन मिशन जिसका सारा पैसा केन्द्र से आया है, फोरलेन हाईवे जो सीधा-सीधा केन्द्र सरकार ही बना रही है, इनकी मुरम्मत भी की जा रही है, बी0आर0ओर (बाॅर्डर रोड़ आर्गेनाईजेशन) की सड़कें जिसका सम्पूर्ण कार्य केन्द्र सरकार की एजेंसिज कर रही है, रेलवे विस्तार का कार्य वह भी पूर्णत केन्द्र सरकार के अधीन है, आई0आई0एम0 का भवन व केन्द्रीय विश्वविद्यालय का भवन आदि-आदि। भाजपा का यह कहना है कि 12 हजार करोड़ रू0 का लोन और विकास शून्य, अर्थात 5 साल में 60 हजार करोड़ का लोन, विकास शून्य। वर्तमान प्रदेश सरकार की सभी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। सर्वप्रथम आवश्यकता रहती है कानून व्यवस्था सुचारू रखी जाए । प्रदेश में दिन दिहाड़े खून, बलात्कार, महिलाओं के साथ अत्याचार, दुव्र्यवहार आम बात हो गई है। नशे का प्रचलन जिस कदर बढ़ा है उसका परिणाम हमें एन0आई0टी0 हमीरपुर में देखने को मिला है। बेखौफ, बेरोकटोक खनन माफिया, स्क्रैप माफिया, दनदनाते हुए काम कर रहा है। चम्बा जिला की नृशंस हत्या की दिल दहला देने वाली घटना से लेकर बद्दी-बरोटीवाला का डबल मर्डर, कांगड़ा का डबल मर्डर और 70 से ज्यादा खून इस बात को बतलाते हैं कि सरकार की व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। सेब उत्पादक चार महीने तक फसल के प्रबन्धन के लिए तड़पता रहा परन्तु सरकार के विरोधाभासी फैसलों से बगवानों को भारी नुकसान पहुंचा। पूर्व भाजपा सरकार के दौरान खोले गए 1500 से ज्यादा संस्थान बंद करने का निर्णय सरकार की जनविरोधी नीति का ज्वलंत उदाहरण है कि इस बड़े मुद्दे पर किसी भी प्रकार का जवाब जनता को नहीं दिया गया। सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव बनाकर कानून और नियम को ताक पर रखा और सरकार की कंगाली का रोना रोते रहे। कैबिनेट रैंक के अनेक पद सृजित किए परन्तु सरकार के पास धन नहीं है, यह कहना नहीं भूले। तीन मंत्रियों के स्थान खाली है लेकिन 6 सी0पी0एस0 बना रखे हैं। ऐसी कौन सी मजबूरी है जो जनहित के बजाए केवल व्यक्तिगत हित पूरा करने में सरकार जुटी है। जनता लगातार इंतजार कर रही है जिन गारंटियों के बूते पर कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनाई वो गारंटियां कब पूरी होंगी। उनका तो वक्त भी निकल गया और तो और दूसरे राज्यों में जाकर चुनाव प्रचार के दौरान डींगे हांक रहे हैं कि हमने गारंटियां पूरी कर दी। कांग्रेस सरकार को झूठ की सरकार, झूठ पर आधारित सरकार, विकास विरोधी सरकार यही उपाधि दी जा सकती हैं ।

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