Himachal Tonite

Go Beyond News

स्कूल में कक्षाएं व वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग

1 min read

उच्चतर शिक्षा निदेशक के 13 व 25 नवम्बर 2021 के आदेशों के अनुसार नौवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं व कक्षाएं ऑनलाइन करने के लिए लोरेटो स्कूल तारा हॉल व दयानंद पब्लिक स्कूल शिमला के अभिभावक छात्र अभिभावक मंच के बैनर तले एडीएम शिमला से मिले। उन्होंने स्कूल में कक्षाएं व वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की 13 व 25 नवम्बर 2021 की उच्चतर शिक्षा निदेशक हिमाचल प्रदेश की अधिसूचना को स्कूल में लागू करने की मांग की। एडीएम ने प्रदेश सरकार की अधिसूचना को स्कूल में लागू करवाने के लिए आदेश जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस संदर्भ में तारा हॉल व दयानंद स्कूल के प्रिंसिपल से बातचीत की व सरकार के आदेशों की पालना करने का निर्देश दिया।

छात्र अभिभावक मंच संयोजक विजेंद्र मेहरा ने डीसी व एडीएम शिमला से तारा हॉल व दयानंद पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा तक की कक्षाएं व वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन करवाने की मांग की है। उन्होंने तारा हॉल व दयानंद पब्लिक स्कूल प्रबंधन से प्रदेश सरकार की ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं के संदर्भ में 13 व 25 नवम्बर 2021 की अधिसूचनाओं को सख्ती से लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अगर ये आदेश लागू न हए तो तारा हॉल व दयानंद स्कूल में अभिभावकों का आंदोलन तेज होगा। उन्होंने कहा कि इन आदेशों में साफ लिखा है कि नौवीं कक्षा तक के छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं व परीक्षाओं की मिश्रित सुविधा उपलब्ध करवाई जाए परन्तु तारा हॉल व दयानंद स्कूल छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का प्रबंध नहीं कर रहे हैं। इस से छात्र रोज़मर्रा की पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं व मानसिक तौर पर प्रताड़ित हो रहे हैं।

उन्होंने सिर्फ दस से पन्द्रह दिन के लिए स्कूल खोलने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है तथा सरकारी आदेश के अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं व परीक्षाएं करवाने की मांग की है। उन्होंने स्कूल को केवल दस से पन्द्रह दिन के लिए खोलने के निर्णय को स्कूल प्रबंधन की अपरिपक्वता व संवेदनहीनता करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब पूरा वर्ष ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ही बच्चों ने पढ़ाई की है तो फिर वार्षिक परीक्षाएं व कक्षाएं ऑनलाइन करने में क्या दिक्कत है। इन दस दिनों के बाद स्कूल तीन महीने के लिए बन्द रहेगा तो फिर स्कूल सिर्फ वार्षिक परीक्षाओं व दस दिन की कक्षाओं के लिए खोलने का क्या तुक बनता है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र की वार्षिक परीक्षाएं बिल्कुल शुरू होने के कगार पर हैं अतः केवल वार्षिक परीक्षाओं व कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने का निर्णय अव्यवहारिक व अपरिपक्व है व तार्किक नहीं है। उन्होंने कहा है कि कोरोना का संक्रमण शिमला शहर में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। स्कूलों में दर्जनों छात्र कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इस तरह स्कूलों में कक्षाओं व परीक्षाओं को लेकर अभिभावक व छात्र काफी घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र व अभिभावक ही स्कूल में कक्षाओं व परीक्षाओं के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर दयानंद व तारा हॉल स्कूल प्रबंधन कक्षाओं व परीक्षाओं के संदर्भ में क्यों जबरदस्ती कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल में छात्र अभिभावक मंच संयोजक विजेंद्र मेहरा,अनिल ठाकुर,महेश ठाकुर,मलिका शर्मा,महेश ठाकुर,रोमिता,भवदीप,मंजू,संगीता,जीवनलता,राधिका,विजय,किरण,प्रीति,रिमिका,ऋचा,सारिका,मीनाक्षी सहित दर्जनों अभिभावक मौजूद रहे।

Samagra Sikhsha

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *