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जिला के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाना विक्रय केंद्र का मकसद

चंबा 10 दिसंबर – जिला चंबा के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के मकसद से चंबा के रंग महल व डलहौजी में  भी प्रदर्शनी एवं विक्रय केंद्र खोले जाएंगे | ताकि एक ही स्थान पर पर्यटकों को पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध हो सके| सदर विधायक पवन नैयर ने एनआईसी रूम से खजियार में चंबयाल  प्रोजेक्ट के तहत 8.50 लाख रुपए से निर्मित प्रथम प्रदर्शनी एवं विक्रय केंद्र का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण करने के बाद बताया कि इस केंद्र के माध्यम से चंबा के हस्तशिल्प व अन्य पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने में प्रोत्साहन मिलेगा | और उन्हें एक अलग ही पहचान मिले गी |
उन्होंने बताया कि इस केंद्र को स्थानीय पंचायत व स्वयंसेवी सहायता समूह की महिलाएं संचालित करेंगे जिससे इन लोगों की आर्थिकी को बल मिल सके |
 विधायक नैयर ने कहा कि पैराग्लाइडरों  की समस्या को मध्य नजर रखते हुए खजियार में पैराग्लाइडिंग व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए 2 स्थल  चयनित किए गए हैं  | उन्होंने खजियार क्षेत्र में सड़क नेटवर्क का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कों  को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है खजियार में आधुनिक विश्राम गृह के निर्माण की कार्य योजना पर भी गंभीरता से कार्य किया जा रहा है |
उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने इस मौके पर बताया कि चंबयाल  प्रोजेक्ट में जो लोग स्वयंसेवी तौर पर जुड़ना चाहते हैं उन्हें भी इस प्रोजेक्ट के तहत पारंपरिक उत्पादों एवं कलाकृतियों के लिए प्रशिक्षित  करने का भी प्रावधान किया गया है और उन्हें मशीनरी भी उपलब्ध करवाई जाएगी  | रंगमहल को पारंपरिक उत्पादों के लिए बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा |
 उपायुक्त ने बताया कि खजियार झील की गाद की समस्या से निपटने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों की राय ली जा रही है|
 वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान खजियार में उद्घाटन स्थल पर मौजूद पंचायत की प्रधान श्रीमती पूजा देवी भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार ने पंचायत वासियों की ओर से लोकार्पण के लिए धन्यवाद किया |

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