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युवाओं के कौशल उन्नयन की दिशा में वरदान सिद्ध होगा उत्कृष्टता केन्द्र – डाॅ. शांडिल

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डाॅ. धनीराम शांडिल ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तायुक्त तथा रोज़गारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। डाॅ. शांडिल आज सोलन ज़िला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत छावशा के गांव मंझोल (क्यारी बंगलो) में लगभग 65 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होेने वाले उत्कृष्टता केन्द्र के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के वाकनाघाट के निकट ग्राम पंचायत छावशा में निर्मित होने वाले उत्कृष्टता केन्द्र पर्यटन, आतिथ्य और सूचना प्रोद्यौगिकी के उत्कृष्टता केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में पर्यटन और आतिथ्य (हाॅस्पिटेलिटी) के लिए यह उत्कृष्ट केन्द्र देश का चौथा केन्द्र होगा। यह केन्द्र राज्य के युवाओं के कौशल उन्नयन की दिशा में वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र में पर्यटन आतिथ्य सत्कार भवन, सूचना प्रौद्योगिकी खण्ड, छात्रावास तथा निदेशक के आवास का निर्माण भी किया जाएगा।
डाॅ. शांडिल ने कहा कि युवाओं को रोज़गार उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश के युवाओं के कौशल को उन क्षेत्रों में उन्नत करना आवश्यक है जहां अधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश में अपार सम्भावनाएं है और इन सम्भावनाओं को बेहतर रोज़गार अवसरों में बदलने के लिए इस दिशा में छात्रों को शिक्षा उपलब्ध करवाना आवश्यक है।
स्वास्थ्य मंत्री ने ग्राम पंचायत सैंज के गांव कशाउला में अश्वनी खड्ड पर बनने वाले पुल स्थल का निरीक्षण किया। यह पुल गंाव कशाउला से ग्राम पचंायत झाझा के गांव चौड़ा को जोड़ेगा। इस पुल के निर्माण से यहां पर्यटक स्थल चायल तक जाने का सफर 15 किलोमीटर तक कम हो जाएगा वहीं ग्रामीणों को भी आवागमन में सुगमता होगी व कृषि उत्पादों को मण्डी तक पहुचाने में सहायता मिलेगी।

Samagra Sikhsha

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