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हिमाचल में 950 करोड़ रुपये के फर्जी बिल का खुलासा

जीएसटी सतर्कता ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय बद्दी ने 950 करोड़ की नकली बिलिंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे कई जानकारियां ली जा रही हैं। टीम पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं और कैसे इस खेल को अंजाम दिया जाता था। सतर्कता ब्यूरो शिमला जोन के उप निदेशक हरविंदर पाल सिंह ने बताया कि सतर्कता ब्यूरो ने प्रतीक गर्ग और अक्षत बंसल उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया है।

ये दोनों शातिर जाली बिल बनाते थे और दिहाड़ीदार और रिक्शा चालक के नाम पर जीएसटी का पंजीकरण करते थे। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल और दिल्ली की विभिन्न आठ लोकेशन पर डीजीडीआई चंडीगढ़ जोनल और बददी कार्यालय ने दबिश दी और जाली बिलिंग का 950 करोड़ रुपये का मामला पकड़ा। दोनों आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले जून माह में 750 करोड़ की नकली बिलिंग का मामला सामने आया था।

इसके मास्टरमाइंड साहिल गर्ग को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह गिरोह इस प्रकार काम करता था कि किसी को कानों कान भी खबर नहीं होती थी और बाद में यह फर्मों को खुर्द-बुर्द कर माल अंदर कर लेते थे। पर इनका यह खेल लंबे समय तक छिप नहीं सका। जीएसटी के सतर्कता निदेशालय ने इनका भंडाफोड़ कर दिया। जीएसटी सतर्कता निदेशालय चंडीगढ़ ने मंडी गोविंदगढ (पंजाब) के विभिन्न स्थानों पर रेड की और करोड़ों की जाली बिलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। यह सब नकली बिलिंग मंडी गोविंदगढ की स्टील स्क्रैप इंडस्ट्री के माध्यम से हुई है।

 

Samagra Sikhsha

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