नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक महाविद्यालय में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वदेशी दिवाली महोत्सव-2026
हमीरपुर।नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय, हमीरपुर में इको क्लब एवं बोस बॉटनिकल सोसाइटी के तत्वावधान में कॉमर्स सोसाइटी, संगीत विभाग तथा अंग्रेजी विभाग के सहयोग से स्वदेशी दिवाली महोत्सव-2026 का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लगभग 80 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महोत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए हिमाचली पारंपरिक लिखणु एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, हिमाचल की पारंपरिक लोककला एवं स्वदेशी परंपराओं को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। लिखणु प्रतियोगिता में प्रिया ने प्रथम, साक्षी ने द्वितीय तथा मोनिका एवं नीतिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में कनिका एवं रेशिका ने प्रथम, दीक्षा एवं दीक्षा ने द्वितीय तथा प्रियंका ने तृतीय स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पहचान स्पेशल स्कूल, हमीरपुर के लगभग 20 बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी रही। इसमें बच्चों ने अपने हाथों से तैयार की गई दिवाली की विभिन्न सजावटी वस्तुओं एवं हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए उनके उत्पादों की खरीदारी की और उनका उत्साहवर्धन किया। इस पहल के माध्यम से विशेष बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. संगीता सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल भारतीय संस्कृति एवं स्वदेशी परंपराओं को संरक्षित करने में सहायक हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, समानता एवं सामाजिक समावेशिता की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने विशेष बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. कल्पना भंडारी तथा सह-संयोजक डॉ. कनिका कोंडल, डॉ. उमा देवी एवं प्रोफेसर पूर्वा ठाकुर ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. कल्पना भंडारी ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना और विशेष बच्चों की प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

