अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने हिमाचल प्रदेश निर्माता स्वर्गीय डॉ यशवंत सिंह परमार जी की जयंती के उपलक्ष्य पर संगोष्ठी का आयोजन किया। स्वागत भाषण में इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी जी ने कहा कि डॉक्टर यशवंत सिंह परमार जी ने 18 वर्ष तक हिमाचल के मुख्यमंत्री रहते है लेकिन उसके बाबजूद वे अपने घर तक सरकारी बस में सफर करते है । मुख्यमंत्री के बाद उनके पास किसी भी प्रकार निजी सम्पत्ति नहीं मिली ये वास्तव में आदर्श राजनीति का उदाहरण है उन्होंने कहा कि परमार जी की दूरगामी सोच ने हो हिमाचल को पुर्णरज्य का दर्जा मिला।
विशिष्ठ अतिथि प्रो. अरुण जी जी विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय उपस्थित रहे , अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि 4 अगस्त 1906 को सिरमौर के चनालग गांव में जन्मे यशवंत परमार जी सुकेत आंदोलन, ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, आदि में शामिल थे, मुख्यमंत्री से पहले न्यायधीश रह चुके है। उन्होंने कहा कि परमार जी कहा करते थे कि जो कुछ भी हम प्रदेश के लिए खाखा खींच रहे है आने वाले समय में कोई इसमें रंग भर ही देगा । डॉ यशवंत सिंह परमार जी राजनीति के साथ साथ आर्थिक, वानिकी, कृष्क, और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी रुचि रखते थे और समाज से विशेष जुड़ाव रखते थे।
मुख्यातिथि के रूप में यशवंत सिंह परमार पीठ के चेयरमैन ओ.पी. शर्मा जी उपस्थित रहे उन्होंने अपने विशेष वक्तव्य में कहा कि आज के छात्रों को डॉ यशवंत सिंह परमार जी से प्रेरणा लेते हुए गांव , समाज, संस्कृति और प्रदेश के लिए काम करना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि अगर हम सभी को यशवंत सिंह परमार जी के दिखाए हुए मार्ग में चलते है,तो वास्तव में ये परमार जी को श्रद्धांजलि होगी।
अंत में स्वागत भाषण में इकाई सह मंत्री करण भटनागर जी ने कार्यक्रम के अतिथियों का धन्यवाद किया।

