एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का किया स्वागत, कुलपति प्रो. आर.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को दिया सफल कॅरियर का मूलमंत्र
शिमला, अगस्त 2
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र का आगाज़ नव प्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत समारोह के साथ शुक्रवार को हुआ। इस स्वागत समारोह व ओरिएंटेशन प्रोग्राम की शुरुआत माँ सरस्वती वंदना व दीपप्रज्वलन से की गई। इस समारोह में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवनाथ घोष ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की वहीं एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के चांसलर इंजीनियर सुमन विक्रांत, प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. रमेश चौहान और कुलपति प्रो. आर. एस. चौहान ने मुख्य अतिथि प्रो. शिवनाथ घोष का हिमाचली टोपी व शॉल स्वागत किया।
ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान कुलपति प्रो. आर.एस. चौहान ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और विश्वविद्यालय में बिताए हर पल को अपने भविष्य के करियर के लिए उपयोगी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कुलपति आर.एस. चौहान ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का सफल करियर बनाने की ओर अग्रसर है। कुलपति चौहान ने कहा कि शिक्षा एक ज्ञान है और ज्ञान एक शक्ति है और यह तभी संभव है जब शिक्षा और ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में भी वास्तविक रूप में युक्तिकरण किया जाए और गुणवत्ता को प्रमाणित कर आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने करियर को सफल बनाएं। कुलपति चौहान ने कहा कि शिक्षा की प्रक्रिया जीवन पर्यन्त चलती है जो इंसान को चरित्रवान तो बनाती ही बल्कि सफल जीवन जीने की स्किल्स, नवाचार भी सिखाती है और एपीजी शिमला विश्वविद्यालय इस दिशा में विद्यार्थियों के हित में बेहतर सुविधाएं विद्यार्थियों को मुहैया करा रहा है और व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षण प्रक्रिया को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिसाब से विकसित किया है और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ टेक्नोलॉजी को प्रयोग कर रहा है ताकि विद्यार्थी हर क्षेत्र में अपनी स्किल्स व प्रतिभा को निखारकर अपने करियर का निर्माण कर सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नए हेल्थ संबंधित पाठ्यक्रम पिछले साल से चलाए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित उपस्थिति देने और उच्च शिक्षा का लाभ प्राप्त कर अपने समय का सही सदुपयोग करने का आह्वान किया और कहा कि निरंतर अपने लक्ष्य के प्रति कार्यरत रहें, सफलता अवश्य प्राप्त होगी।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. शिवनाथ घोष ने भी विद्यार्थियों को मनोबल बढ़ाने के लिए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को उचित दिनचर्या का पालन करने की सलाह दी ताकि वे हर पहलू में, हर क्षेत्र में मजबूत बन सकें। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, पाठ्येतर गतिविधियों में भी समग्र विकास हासिल करने का प्रयास करना चाहिए और डिप्रेशन अपने ऊपर हावी न होने दें बल्कि डिप्रेशन का कारण जानें और उसका निवारण करें ताकि जीवन खुशहाल बना रहे। वहीं कार्यक्रम के दौरान एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अंकित ठाकुर ने विश्वविद्यालय बारे में संक्षिप्त जानकारी नए विद्यार्थियों को दी। डॉ. ठाकुर ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों व स्कूलों व विश्वविद्यालय में पढ़ाए जा रहे विभिन्न कोर्स व संकायों, रेगुलेटरी बॉडी, यूजीसी और विश्ववविद्यालय की स्थापना बारे विद्यार्थियों को अवगत करवाया, साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनिंदर कौर ने नए विद्यार्थियों को लघु-डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, कोर्सेज, विभिन्न विभागों और विश्ववविद्यालय की अन्य नवाचारी गतिविधियों बारे जानकारी दी। सभी नए विद्यार्थियों को एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉ. नीलम रत्न शर्मा ने विद्यार्थियों की सुविधाओं व किसी समस्या के निवारण हेतु बनी विभिन्न कमेटियों बारे नए विद्यार्थियों को अवगत करवाया। डॉ. नीलम शर्मा ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास व शैक्षणिक स्तर से लेकर एन्टी-रैगिंग कमेटी से लेकर सांस्कृतिक गतिविधियों, विभिन्न क्लबों और विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी। परीक्षा विभाग की ओर से उप-परीक्षा नियंत्रक विनीत ठाकुर ने नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रणाली से लेकर सेमेस्टर परीक्षा और रिजल्ट और परीक्षा से जुड़े नियमों बारे अवगत करवाया। वहीं परीक्षा इस कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के डीन एकेडेमिक्स प्रो. डॉ. आनंद मोहन, प्रो. अश्वनी शर्मा, परीक्षा नियंत्रक अफ़ज़ल खान, विश्वविद्यालय की कार्यकारी अधिकारी ज्योत्स्ना शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक उपस्थित रहे और कार्यक्रम की संचालिका सहायक प्रो. भारती नांटा रही जबकि वरिष्ठ विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सहयोग दिया।

