10 July, 2022 Special efforts are being made to make Himachal Pradesh self-sufficient in agricultural production and to improve the...
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सोमभद्रा ब्रांड नेम के तहत स्टीविया की मार्केटिंग को प्रोत्साहित कर रहा जिला प्रशासन ऊनाः स्वयं सहायता समूहों के तैयार...
26th June, 2022 India being an agrarian economy, farmers play a vital role in economic development of the country and...
धार्मिक-प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की रोड़ कनेक्टिविटी पर बल मंडी जिले में ग्रामीण रोड़ कनेक्टिविटी के लिए 205 करोड़ से 10118...
MMBSY will be helpful in providing better health care and nutritious food to children up to 6 years of age...
धुएं से मिली निजात और अब अन्य कार्यों के लिए मिलता है काफी वक्त हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना से हमीरपुर...
While working with utmost priority to provide better health services to the people at their doorstep, the State Government has...
10 लाख रुपये के ऋण पर पॉलीहाउस के लिए 85 प्रतिशत तथा फूल उगाने के लिए 302 रुपये प्रति स्क्वायर...
Shimla, May 08 The state government is giving fillip to the qualitative and professional education with the aim to make...
पांवटा साहिब में 126 बालिकाओं को 39 लाख 6 हजार रूपये की राशि शगुन के रूप में दी* हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लोगों के कल्याण हेतु विभिन्न जनहितैषी योजनाएँ चलाई गई है, जिनका लाभ प्रदेश के लोगों कोकिसी ना किसी रूप में प्राप्त हो रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार द्वारा बी.पी.एल. परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शगुनयोजना चलाई गई है। इस योजना के माध्यम से बी.पी.एल. परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में प्रदेश सरकारद्वारा 31000 रूपये की धनराशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री शगुन योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन व्यतीतकर रहे बहुत से परिवारों की बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। ऐसे ही एक लाभार्थी ज्योति के पिता ज्ञान चंद, जोकि जिला सिरमौर के पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत जामनीवाला के गांव बायंकुआके रहने वाले हैं तथा बी.पी.एल. परिवार से संबंध रखते हैं, ने बताया कि वह अपनी बेटी के विवाह के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं जुटा पारहे थे, जिस कारण उन्हें उनकी बेटी के विवाह में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। ज्ञान चंद ने बताया कि वह अपनी पुत्री के विवाह हेतु धन का बंदोबस्त कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें ग्राम पंचायत के प्रधान ने बताया किमुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा बी.पी.एल. परिवारों की बेटियों केविवाह में 31000 रुपये का अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। इस के उपरांत ज्ञान चंद ने बाल विकास परियोजना अधिकारी पांवटा साहिब के कार्यालय में जाकर मुख्यमंत्री शगुन योजना बारे पूर्णजानकारी प्राप्त की। उन्होंने अपनी बेटी के विवाह के लिए मुख्यमंत्री शगुन योजना के अंतर्गत मिलने वाली अनुदान राशि के लिए बालविकास परियोजना अधिकारी पांवटा साहिब के कार्यालय में वांछित दस्तावजों सहित निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन किया, तदोपरांत उन्हेंप्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत दिए जाने वाले 31000 रूपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई। ज्ञान चंद ने बताया कि बेटी के विवाह में प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शगुन योजना के माध्यम से प्राप्त आर्थिक सहायता से उनकी बेटीके विवाह में कोई परेशानी नहीं आइ और उनकी बेटी की शादी धूम धाम से हुई। ज्ञान चंद व उनकी पुत्री ज्योति ने स्वयं तथा अपने परिवार की ओर से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में अनुदान राशि प्रदान करने केउदे्दश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री शगुन योजना के लिए प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का बहुत-बहुत आभार व्यक्तकिया है। मुख्यमंत्री शगुन योजना की जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी पांवटा साहिब रूपेश तोमर ने बताया कि इस योजनाके अंतर्गत पांवटा साहिब में अभी तक 119 परिवारों की 126 बालिकाओं को लाभ प्रदान किया गया है, जिसके तहत प्रदेश सरकार द्वाराविभाग के माध्यम से 39 लाख 6 हजार रूपये की राशि लाभार्थियों को प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री शगुन योजना का लाभ प्राप्त करने लिए वधू की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और वर की आयु 21 वर्ष सेअधिक तथा बी.पी.एल. परिवार से होना अनिवार्य है। इस के अतिरिक्त बालिका का विवाह राज्य से बाहर होने की स्थिति में भी इसयोजना का लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शगुन योजना के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में याआंगनवाडी वर्कर तथा सुपरवाईज़र के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के उपरांत सम्बन्धित अधिकारीद्वारा सत्यापन किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत विवाह से दो महीने पहले या विवाह के छः महीने के भीतर भी आवेदन कर सकतेहैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद योजना के अंतर्गत मिलने वाली अनुदान राशि का भुगतान आवेदक के बैंक खाते में ट्रान्स्फ़र कर दियाजाता है।
