स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्रदेश सरकार ने खर्च किए हजारों करोड़ रुपये : केवल सिंह पठानिया
रोबोटिक सर्जरी से निजी अस्पतालों के मुकाबले कम खर्च पर मिल रही आधुनिक उपचार सुविधा
धर्मशाला, 25 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालते ही स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में पुरानी मशीनरी को बदलने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में पुरानी एवं आउटडेटेड मशीनरी को बदलने के लिए पहली कैबिनेट में ही 1,000 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके तहत आधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनों सहित अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के कार्यकाल में चिकित्सकों के स्वीकृत पदों में से भरे पदों का अनुपात लगभग 30 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है।
पठानिया ने कहा कि प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक सुविधा शुरू की गई है। वर्तमान में आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचौक मेडिकल कॉलेज तथा चमियाणा स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। निजी अस्पतालों में जिस रोबोटिक सर्जरी पर लगभग 6 से 7 लाख रुपये खर्च होते हैं, वही प्रक्रिया प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 30 हजार से 80 हजार रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए जा रहे हैं, जहां छह-छह विशेषज्ञ चिकित्सकों, 134 प्रकार की प्रयोगशाला जांचों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ सहित बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण, बेहतर जांच सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि लोगों को प्रदेश में ही सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

