कांग्रेस पार्टी ने उपमहापौर को किया उनके कार्यालय से बेदखल
यह निर्णय असंवैधानिक है तथा लोकतन्त्र की मर्यादा के विरुद्ध है। नगर निगम एक संवैधानिक व स्वायत्त संस्था है। इसमें सरकार की इस प्रकार की दखलंदाजी को उचित नही ठहराया जा सकता है!
नगर निगम शिमला का कार्यालय ब्रिटिश काल से ही टॉउन हाल में है और महापौर के बगल में ही उप महापौर का कमरा भी इसी कार्यालय में ही है।
टॉउन हाल के जीर्णोद्धार का कार्य हमारे समय में करवाया गया था और इसमें महापौर, उपमहापौर, पार्षद कक्ष, आयुक्त, सदन का बैठक कक्ष व जनसुविधाओं के कक्ष भी इसी में है।
बीजेपी ने सदन का बैठक कक्ष निजी कंपनी को दे दिया और कांग्रेस पार्टी ने उपमहापौर को उनके कार्यालय के बेदखल कर दिया है।
सीपीआई(एम) इस निर्णय का विरोध करती है तथा नगर निगम की स्वायत्तता बनाए रखने के लिए सरकार से मांग करती है कि तुरन्त अपने इस निर्णय को बदले तथा उपमहपौर को उनके कार्यालय में बैठाया जाए।

