गलत आरोप लगाने पर असिस्टेंट प्रोफेसर सस्पेंड
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के एक असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-दो मनोज कुमार को अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाकर संस्थान को बदनाम करने के आरोप में बुधवार को तीन माह के लिए सस्पेंड कर दिय।
मनोज ने रजिस्ट्रार की नियुक्ति को गलत बताते हुए संस्थान के निदेशक और एनआईटी बीओजी की चेयरमैन पर पैसों के लेनदेन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस सारे मामले में उन्होंने एक ईमेल जारी किया था। जिसे बाद में आईआईटी दिल्ली के व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किया गया।
जांच कमेटी ने प्रथम दृष्टया उसे दोषी पाया और उसके चलते तीन माह के लिए सस्पेंड कर दिया।
आरोपी एनआईटी हमीरपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-दो के पद पर सेवारत है। जांच कमेटी ने प्रथम दृष्टया उसे दोषी पाया।
नआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. योगेश गुप्ता ने बताया कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संस्थान के निदेशक ने यह कार्रवाई की। मामले की उच्च एवं विभागीय जांच के लिए एक कमेटी का गठन भी किया है। कमेटी जांच कर चार्जशीट पेश करेगी। इसके साथ ही दिल्ली आईआईटी के जिस अधिकारी ने व्हाट्सएप ग्रुप पर इस मैसेज को वायरल किया था, उसे भी कानूनी नोटिस भेजा गया है।
एनआईटी हमीरपुर के मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड दो ने संस्थान के रजिस्ट्रार की नियुक्ति को गलत बताते हुए संस्थान के निदेशक और एनआईटी बीओजी की चेयरमैन पर पैसों के लेनदेन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस सारे मामले में उन्होंने एक ईमेल जारी किया था। जिसे बाद में आईआईटी दिल्ली के व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किया गया

