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गरीब परिवार की बेटी हो या बेसहारा, मुख्यमंत्री शगुन योजना बनेगी सहारा

  • योजना के तहत शादी को बीपीएल परिवार की लड़की/महिला को मिलेंगी 31 हजार सहायता राशि
  • जून महीने में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जारी की है अधिसूचना

आनी, 10 जुलाई 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुआई में प्रदेश सरकार बीते साढ़े तीन वर्षों में कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए वचनबद्ध है। विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन, असाध्य रोगों से जूझ रहे पीड़ितों के लिए सहारा योजना, बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सहित दर्जनों ऐसी योजनाएं हैं जो सरकार की कमजोर तबकों के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता दर्शाती है। इसी कड़ी में सरकार ने अब गरीब परिवार (बीपीएल) की लड़कियों और महिलाओं को विवाह के लिए सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह योजना शगुन के नाम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अधिसूचित कर दी है। इससे गरीब परिवारों की बेटियों लाभ होगा।

इस योजना के तहत सरकार विवाह के लिए 31 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करेगी। इस राशि को समय समय पर बढ़ाने के लिए भी प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। ये योजना 1 अप्रेल 2021 से लागू मानी जाएगी। नियमों के तहत पात्र लाभार्थी शादी के तय दिन से दो माह पहले आवेदन कर सकता है। शादी के छह माह बाद तक योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया जा सकेगा। यदि 1 अप्रेल 2021 को पात्र लाभार्थी की शादी हो चुकी है तो वह 30 सितम्बर 2021 तक इस योजना के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में आवेदन कर सकता है। शादी के छह माह बीत जाने के बाद योजना का लाभ सरकार नहीं देगी।

योजना बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले परिवारों के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे माता-पिता/संरक्षक अथवा स्वंय लड़की (यदि उसके माता-पिता जीवित नहीं हैं व लापता हैं) को लड़की की शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। लड़की की आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए और वह हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए। यदि लड़की का विवाह ऐसे लड़के से होता है जोकि हिमाचल प्रेदश का स्थायी निवासी नहीं है वह भी विवाह अनुदान हेतु पात्र होगी।

इस योजना के लिए लड़की के माता-पिता, अभिभावक या यदि लड़की बेसहारा है तो स्वंय भी आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म) पर बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), प्रभारी नारी सेवा सदन/अधीक्षक के पास पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं। तमाम कागजी औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात सरकार की तरफ से शगुन योजना में सहायता राशि प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए लोग नजदीकी सीडीपीओ कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं।

सरकार बेसहारा और गरीब परिवार की बेटियों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। इसके चलते शगुन योजना के अलावा सरकार ने पहले से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना शुरु की है। इसके तहत भी शादी के लिए 51 हजार रुपए तक की सहाता राशि बेसहारा लड़कियों और महिलाओं को दिए जाते हैं। नारी सेवा सेदन की पूर्व प्रवासिनियों को भी इस योजना के दायरे में लाया गया है। बेसहारा लड़कियां जिनके पिता जीवित न हों, उपेक्षित, परित्यक्त व तलाकशुदा महिलाओं की पुत्रियां, जिनके पिता शारीरिक व मानसिक विकलांग, लंबी बीमारी से पीड़िता होने के कारण आजीविका कमाने में असमर्थ हों, जिनके संरक्षकों की वार्षिक आय 35 हजार रुपए से कम हो, उन सभी को इस योजना के तहत शादी के लिए सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस योजना में सहायता राशि प्राप्त करने के लिए विवाह तिथि निर्धारित होने से छह माह पूर्व व शादी होने के छह माह बाद तक प्रदेश सरकार के पास आवेदन करना होता है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी आनी विपाशा भाटिया का कहना है कि 11 जून 2021 को विभाग द्वारा शगुन योजना को अधिसूचित कर दिया गया है। पात्र लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना पहले से ही विभाग द्वारा चलाई जा रही है। शगुन योजना में बीपीएल परिवार की लड़कियों को 31 हजार और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 51 हजार रुपए तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। विभाग इन योजनाओं को लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Samagra Sikhsha

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