Shimla
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State Government is laying special emphasis on the development of the Industry sector. Mukhyamantri Swavalamban Yojna (MSY) aims to turn...
स्वरोजगार स्थापित कर 10 अन्य लोगों को भी रेस्टोरेंट में प्रदान किया रोज़गार हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बेरोज़गार युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना आरंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है व 3 वर्ष तक 5 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दर में भी छूट मिलती है। यह योजना ज़रूरतमंद युवाओं के सपनों को साकार करने में सहायक सिद्ध हो रही है। ऐसी ही एक 40 वर्षीय महिला श्रीमती रजनी गुप्ता पत्नी श्री नीरज गुप्ता निवासी पांवटा साहिब जिला सिरमौर का कहना है कि उनका सपना शुरू से ही अपना रेस्टोरेंट खोलने का था परन्तु रेस्टोरेंट खोलने के लिए पर्याप्त धनराशि की कमी उनके आड़े आ रही थी। अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं बारे जानकारी एकत्र की जहाँ उन्हें मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के विषय में पता चला। इस योजना के सम्बन्ध में उन्होंने एकल खिड़की समाधान कार्यालय (उद्योग विभाग) पांवटा साहिब में जाकर मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। श्रीमती रजनी गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के तहत आवश्यकतानुसार ऋण प्राप्त करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गई। जिसके उपरांत उन्हें 40 लाख रुपए का ऋण 30 प्रतिशत अनुदान सहित 3 वर्ष तक 5 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज दर में भी छूट पर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के अंतर्गत प्राप्त 40 लाख रुपए की राशि से उन्होंने एनएच-907 पांवटा साहिब से यमुनानगर रोड पर बाता पुल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर एसएनवी फ़ूड कॉर्नर के नाम से रेस्टोरेंट निर्मित कर मार्च 2021 में इस रेस्टोरेंट को आरंभ किया। रजनी गुप्ता का कहना है कि इस उम्र में उन्होंने कभी सोचा न था कि उनका रेस्टोरेंट खोलने का सपना कभी पूरा हो पाएगा, परंतु मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना ने उनका सपना साकार कर दिखाया। इस योजना ने उनके रेस्टोरेंट के सपने को तो साकार किया ही है, साथ ही वह इससे आत्मनिर्भर भी हुई हैं। रजनी गुप्ता रेस्टोरेंट के आरम्भ होने से बहुत खुश हैं, इससे जहां उन्हें आजीविका का साधन तो मिला ही है, वहीं उन्होंने क्षेत्र के 10 अन्य लोगों को भी इस रेस्टोरेंट में रोज़गार प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर से उनके रेस्टोरेंट का कार्य प्रभावित ज़रूर हुआ परंतु मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत मिलने वाली अनुदान राशि ने उन्हें इस महामारी के समय में बहुत योगदान दिया। उन्होंने इस प्रकार की जनहितैषी योजनाओं के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अपनी व अपनी टीम की ओर से तहे दिल से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। महाप्रबंधक उद्योग विभाग जिला सिरमौर ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि जिले में अब तक मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 75 करोड़ की लागत से 400 इकाइयां स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों पर लगभग 16 करोड़ 33 लाख की राशि लाभार्थियों को सब्सिडी के तौर पर उपलब्ध करवाई गई है। हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा इस महात्वाकांक्षी योजना में 18 नई औद्योगिक गतिविधियों को शामिल किया गया है, साथ ही महिलाओं की आयु सीमा 45 से बढ़ाकर अब 50 वर्ष कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक प्रदेशवासी इस योजना का लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त, प्रोजेक्ट लागत की सीमा अब 60 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कैपिटल सब्सिडी की अधिकतम सीमा पुरुषों के लिए 15 लाख तथा महिलाओं के लिए 18 लाख की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के बारे में अधिक जानकारी पाने के लिए अपने क्षेत्र के एकल खिड़की समाधान कार्यालय (उद्योग विभाग) या महाप्रबंधक जिला उद्योग कार्यालय नाहन जिला सिरमौर तथा mmsy.hp.gov.in पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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