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शिमला, डॉ सिकंदर कुमार राज्यसभा सांसद ने भाजपा मुख्यालय चक्कर में आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम में भाग लिया। हर...

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हमीरपुर:- हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक आम आदमी ठगा हुआ महसूस कर रहा है। पिछले 50...

एफआईए ग्लोबल बैंकिंग सेवा से दूर एवं कम पहुंच वाले लोगों को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान कर रहा है और हर साल एक मिलियन से अधिक ग्राहकों के वित्तीय बहिष्करण को समाप्त कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है। एफआईए ग्लोबल देश के आर्थिक रूप से कमजोर और कम सेवा प्राप्त नागरिकों के हर दरवाजे पर बैंकिंग सेवाओं को लाने के मिशन पर है। जबकि भारत ने औपनिवेशिक शासन से आजादी के बाद  पिछले 75 वर्षों में अच्छा विकास किया है, लेकिन फिर भी कई सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों के कारण, विशेष रूप से ग्रामीण भारत में बड़ी संख्या में भारतीयों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है। एफआईए ग्लोबल को 2012 में सह संस्थापिका सीमा प्रेम द्वारा वित्तीय समावेशन के तहत वित्तीय बहिष्करण को समाप्त करने, अधिक आर्थिक समानता लाने, आय बढ़ाने और वित्तीय स्वतंत्रता के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के विचार के साथ शुरू किया गया था। भारत की आजादी के इस 75 वें वर्ष पर जब देश 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहा है, एफआईए भी 13 लाख ग्राहकों के बैंक खाता खोलने का जश्न मनाते हुए, उन्हें वित्तीय समावेशन के दायरे में लाकर जीवन की बेहतर गुणवत्ता के लिए उनका मार्ग प्रशस्त करता है। कई भारतीयों को एफआईए ने बुनियादी और आवश्यक वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच के साथ सक्षम बनाया है, भारतीयों को पूर्ण वित्तीय समावेशन के करीब लाकर देश की आर्थिक शक्ति को मजबूत किया है और वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की हमारी क्षमता को बढ़ाया है। हर दरवाजे तक निर्बाध बैंकिंग लाने के अपने मिशन को देखते हुए, इस साल भी, स्वतंत्रता दिवस माह की शुरुआत करते हुए, एफआईए ने भारत सरकार की पहल “जनधन से जन सुरक्षा"  के हिस्से के रूप में अपने 13,000 बैंकिंग एजेंटों में प्रत्येक द्वारा 100 बैंक खाते खोलने का महत्वाकांक्षी और व्यापक अभियान शुरू किया है।  इस लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है और भारत के वित्तीय समावेशित 13 लाख ग्राहकों को जोड़ा है। इस अभियान के अलावा, एफआईए ने अपने प्रत्येक बैंकिंग एजेंट को अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत 5 लोगों को, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत 25 लोगों को और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत 25 लोगों को नामांकित करने का लक्ष्य भी दिया गया और प्रत्येक केंद्र पर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (एसएसएस) के तहत महिलाओं के नामांकन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया। एफआईए 40 से अधिक बैंकिंग सेवा प्रदाताओं के साथ भागीदारी करता है, जिसमें राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक, एनबीएफसी, बीमा कंपनियां और कई अन्य संबद्ध सेवा भागीदार शामिल हैं, और देश के 4600 शहरों और 712 जिलों में 46,000 से अधिक गांवों एफआईए की उपस्थिति है जो कि देश का 96% हिस्सा है। एफआईए ग्लोबल की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी और इसका मुख्यालय गुड़गांव में है। एफआईए ग्लोबल अपने नव बैंकिंग समाधान, फिनटैप के माध्यम से प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर वित्तीय समावेशन को सरल बनाने के व्यवसाय में है और बैंकिंग सेवाओं से दूर एवं कम सेवा प्राप्त लोगों की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच को आसान बना रही है। एफआईए बैंकिंग सेवाओं से वंचित लाखों लोगों को सक्षम और सशक्त बना रही है।

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