BJP के 15 साल के शासन मे MCD मे पार्किंग के बहाने फैले भ्रष्टाचार – अलका
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18 नवंबर 2022
काँग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं MCD चुनाव मे काँग्रेस की स्टार प्रचारक अलका लांबा ने आज अवैध पार्किंग, पार्किंग माफिया और BJP के 15 साल के शासन मे MCD मे पार्किंग के बहाने फैले भ्रष्टाचार पर भाजपा को जमकर घेरा।
अलका लांबा ने कहा की 2007 से आज तक, बीजेपी ने एमसीडी चुनावों के दौरान वादा किया है कि पार्किंग की समस्या को खत्म करने के लिए दिल्ली में बहुस्तरीय पार्किंग स्थल खोले जाएंगे। अब यह केवल कागजों में रह गया सपना है। समय बीतने के साथ भाजपा से वादा और प्रतिबद्धता कम होती रही। 2013 में, 41 पार्किंग परियोजनाओं की योजना बनाई गई थी और हौज खास में केवल एक पार्किंग स्थल खोला गया था। 41 नियोजित पार्किंग स्थल से, 2016 में संख्या घटकर 17 नियोजित पार्किंग स्थल हो गई, जिसमें केवल एक पार्किंग स्थल खोला गया था। इससे पता चलता है कि कैसे बीजेपी की प्रतिबद्धता और वास्तविक कार्य हमेशा बेमेल होते हैं।
भाजपा ने एमसीडी के पार्किंग ठेकों को अपने निजी लाभ के आय स्रोत में तब्दील कर लिया है। रु. 6 करोड़ के घोटाले का पता चला है क्योंकि पार्किंग के लिए टेंडर एक निजी फर्म को दिया गया था, जिसके कथित रूप से भाजपा नेताओं से करीबी संबंध थे। सुप्रीम कोर्ट के सीधे हस्तक्षेप के बावजूद, सितंबर 2019 में दिल्ली की पार्किंग नीति को अधिसूचित करने के लिए, योजना की प्रमुख विशेषताओं को अभी तक शहर में लागू नहीं किया गया है। दक्षिण निगम ने पिछले साल जून-अगस्त 2021 के दौरान सफदरजंग विकास क्षेत्र (एसडीए) से लेकर निजामुद्दीन बस्ती तक के विभिन्न क्षेत्रों वाले 16 क्षेत्रों के लिए पीएमएपी को अंतिम रूप दे दिया है, लेकिन अभी तक कार्यान्वयन शुरू नहीं हुआ है।
अपने वक्तव्य मे अलका लांबा ने कहा की प्रवर्तन में सुस्ती ने यह सुनिश्चित किया है कि तीन एससी-अनुमोदित मॉडल पार्किंग परियोजनाएं – लाजपत नगर, कृष्णा नगर और कमला नगर – जिनसे पार्किंग नियमों के लाभों को प्रदर्शित करने की उम्मीद की गई थी, प्रभावी ढंग से लागू नहीं हुई हैं। अप्रैल 2010 में लेफ्टिनेंट गवर्नर के नेतृत्व वाले UTTIPEC द्वारा स्वीकृत करोल बाग पूर्वनियति परियोजना और पार्किंग/सर्कुलेशन योजना भी अभी तक शुरू नही हो पायी है।
अलका लांबा ने कहा की पार्किंग ठेको मे अनियमितता, भाजपा से जुड़े हुए लोगो को मनमाने तरीके से पार्किंग के ठेके देना और अपने लाभ के लिए नियमो की धज्जियाँ उड़ाकर निजी फर्म को योजना मे सम्मिलित करना दर्शाता है की कैसे भाजपा दिल्ली की चरमराई हुई पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के बजाय भ्रष्टाचार के माध्यम से अपनी जेब भरने मे व्यस्त रही है और दिल्ली की जनता को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ रहे है।
यह स्पष्ट रूप से शासन में भाजपा की लापरवाही और लोगों के मुद्दों पर ध्यान न देने को दर्शाता है।

